निरीक्षक के आचरण की जांच में विफलता पर अवमानना याचिका, दिल्ली पुलिस से अदालत ने जवाब मांगा
नई दिल्ली, शनिवार, 19 सितंबर 2026। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक निरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच पूरी करने के निर्देशों का कथित रूप से पालन नहीं करने को लेकर अवमानना कार्यवाही संबंधी याचिका पर दिल्ली पुलिस प्रमुख और अन्य कर्मियों से जवाब मांगा है। उच्च न्यायालय ने फरवरी 2025 में संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को उस निरीक्षक के ‘‘लापरवाही भरे आचरण’’ की जांच करने का निर्देश दिया था, जिसने नौ साल तक एक प्राथमिकी की जांच पूरी नहीं की और फिर मामले को रद्द करने संबंधी याचिका पर वस्तुस्थिति रिपोर्ट भी दाखिल नहीं की। यह प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्दों का प्रयोग, इशारे या कृत्य करना) के तहत दर्ज की गई थी।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने प्राथमिकी में आरोपी बनाए गए व्यक्ति की ओर से दर्ज अवमानना याचिका पर नौ सितंबर को दिल्ली पुलिस आयुक्त, संबंधित एसीपी और निरीक्षक को नोटिस जारी किये। अदालत ने आदेश में कहा, ‘‘प्रतिवादी चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करें।’’ अदालत ने मामले को फरवरी में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। वकील उज्ज्वल घई के माध्यम से याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी ‘बेबुनियाद’ थी, लेकिन निरीक्षक ने नौ साल तक जांच पूरी नहीं की, जिससे उन्हें तब तक अपमान झेलना पड़ा जब तक कि अगस्त में उच्च न्यायालय द्वारा इसे अंततः रद्द नहीं कर दिया गया।
याचिका में बताया गया कि प्राथमिकी रद्द करने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने फरवरी 2025 में गौर किया कि मामले में अब तक आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया गया है। इसके बाद अदालत ने जांच अधिकारी (आईओ) के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए संबंधित एसीपी को उनके खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया। याचिका के अनुसार, बाद में उच्च न्यायालय को बताया गया कि विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के नतीजे पर कोई और वस्तुस्थिति रिपोर्ट कभी दाखिल नहीं की गई। याचिका में यह भी बताया गया कि प्राथमिकी रद्द करने से संबंधित याचिका लंबित रहने के दौरान आरोप-पत्र दाखिल किया गया था, लेकिन निचली अदालत ने उस पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और इसके बजाय संबंधित डीसीपी से कानून के मुताबिक निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
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