राम मंदिर चढ़ावा चोरी: कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई ने न्यायिक जांच कराने की मांग की

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शिमला, शनिवार, 11 जुलाई 2026। कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई ने अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला और केंद्र से उच्चतम न्यायालय की निगरानी में इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व न्यासी अनिल मिश्रा के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि 'चढ़ावा चोरी' के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। एचपीसीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि राय और मिश्रा के इस्तीफे ''यह संकेत देते हैं कि मामला प्रशासनिक चूक से कहीं अधिक गंभीर है, और एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।'' उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इस बारे में जानकारी न होने का दावा करते हुए सार्वजनिक बयान जारी किए हैं, जबकि वित्तीय निगरानी, पारदर्शिता और ट्रस्ट की संपत्ति की सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से वही जिम्मेदार हैं।

प्रवक्ता ने कहा, ''मीडिया में आई खबरों से, ट्रस्ट के विशेष रूप से आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को हटाये जाने और उनके दर्जे को लेकर भ्रम की स्थिति और विरोधाभास सामने आए हैं।'' उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री को ट्रस्ट के गठन, उसमें अहम नियुक्तियों और इसकी निगरानी करने में अपनी सरकार और अपने कार्यालय (पीएमओ) की भूमिका के बारे में बताना चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद वह क्यों चुप रहे हैं।''

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक पार्टी के नहीं हैं बल्कि वह करोड़ों भारतीयों की आस्था के प्रतीक हैं। भगवान राम के नाम पर एकत्र किये गए पैसे को हड़पने और फिर उसे छिपाने की कोई भी कोशिश देश की धार्मिक भावना का अपमान है। उन्होंने कहा, ''जिन लोगों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर करोड़ों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें बचाया नहीं जाना चाहिए। उनका पर्दाफाश किया जाना चाहिए और उन्हें सजा दिलाई जाए।''

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