राम मंदिर चंदा विवाद : उद्धव ने पांच जुलाई से महाराष्ट्र में 'राम रक्षा' आंदोलन की घोषणा की

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मुंबई, शुक्रवार, 03 जुलाई 2026। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में पांच जुलाई से 'राम रक्षा' आंदोलन शुरू करने की शुक्रवार को घोषणा की और लोगों से अयोध्या के प्रतिष्ठित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में भाजपा को जवाबदेह ठहराने के लिए इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। ठाकरे ने कहा कि रविवार (पांच जुलाई) को वे मध्य मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर में एकत्र होंगे, जहां 'हनुमान स्तोत्र' और 'हनुमान चालीसा' का पाठ करेंगे तथा अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित ''चोरी'' की जिम्मेदारी लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दबाव बनाएंगे। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैं राम मंदिर में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई इस चोरी से आक्रोशित सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे हमारे साथ जुड़ें और इसके लिए भाजपा को जवाबदेह ठहराएं।''

भाजपा ने शिवसेना (उबाठा) पर पलटवार करते हुए ठाकरे पर पाकिस्तानी एजेंट की तरह बात करने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि जिन जगहों पर ठाकरे 'महा आरती' करते हैं, उन्हें 'गोमूत्र' से ''शुद्ध'' किया जाना चाहिए। ठाकरे ने दावा किया कि देशभर में लोग अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन केंद्र और कई राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद जनसरोकारों के मुद्दों के प्रति ''अराजकता'' और ''उदासीनता'' का माहौल है। उन्होंने कहा कि अविभाजित शिवसेना के कार्यकर्ता समेत अनेक हिंदुओं ने राम मंदिर आंदोलन में भाग लिया था और ''कारसेवकों'' पर हुए अत्याचार, गोधरा ट्रेन कांड, अहमदाबाद दंगे तथा मुंबई सिलसिलेवार बम विस्फोटों जैसी घटनाओं की पीड़ा झेली। लेकिन उनका आरोप है कि भाजपा ने इन घटनाओं का राजनीतिक लाभ उठाया और अब ''बेलगाम सत्ता'' का आनंद ले रही है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर विपक्षी विधायकों की खरीद-फरोख्त कराने का भी आरोप लगाया और सवाल किया कि क्या सत्तारूढ़ दल ''ऑपरेशन राम मंदिर'' चला रहा है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लगाए जा रहे आरोपों का उल्लेख करते हुए ठाकरे ने सवाल किया कि क्या कथित रूप से चोरी किया गया धन विपक्षी नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए इस्तेमाल किया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध कथन ''अब हिंदू मार नहीं खाएगा'' का उल्लेख करते हुए ठाकरे ने कहा, ''अब मैं कहना चाहता हूं- 'अब हिंदू माफ नहीं करेगा।''' उन्होंने राम मंदिर के दानपात्रों से कथित चोरी में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए कहा कि ''हिंदुत्व के नाम पर लूट'' किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा का नारा ''मंदिर वहीं बनाएंगे'' महज एक दिखावा साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में शामिल लोगों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।

राम मंदिर के चढ़ावे के कथित गबन का मामला सात जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले में मंदिर में चढ़ावे के संग्रह और उसकी गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है। जब उद्धव ठाकरे से पूछा गया कि क्या वह अयोध्या स्थित राम मंदिर जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन पूरे देश का आंदोलन था, जिसमें उनके पिता और शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र का दौरा कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उन्होंने दावा किया कि बाल ठाकरे के राज्यव्यापी अभियान से प्रेरित होकर भाजपा के पूर्व नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पूरे देश में रथयात्रा निकाली थी। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो एक और ऐसी रथयात्रा निकाल सकती है, जिसमें शिवसेना (उबाठा) भी शामिल होने के लिए तैयार है। ठाकरे ने पहले कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अयोध्या जाएंगे, लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि उनकी जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री भी अब तक मंदिर नहीं गए हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि मैं शाह के साथ वहां जाऊंगा।'' ठाकरे ने आरोप लगाया कि हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ करने वालों ने ''देशद्रोह'' किया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर महाराष्ट्र विरोध-प्रदर्शनों का नेतृत्व करेगा।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और वह निश्चित रूप से राम मंदिर जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब महाराष्ट्र जागता है, तो पूरा देश उसका अनुसरण करता है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राम कुलकर्णी ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भगवान राम का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा, ''हमारी पार्टी ने राम मंदिर निर्माण की पहल इसलिए की क्योंकि भगवान राम उसकी आस्था और पहचान के प्रतीक हैं।'' उन्होंने कहा कि वर्षों के संघर्ष और आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में करोड़ों हिंदुओं का सपना साकार हुआ।

कुलकर्णी ने राम मंदिर में कथित चोरी की घटना को एक अलग घटना बताया और कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे इस विवाद से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं और कहा कि शिवसेना (उबाठा) ''अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।'' कुलकर्णी ने यह भी कहा कि ठाकरे को हनुमान चालीसा या राम रक्षा का पाठ करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनका दावा था कि ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते हुए इन स्तोत्रों का पाठ करने वाले रामभक्तों को जेल भेजा गया था।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता उदय सामंत ने पत्रकारों से कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वी. डी. सावरकर के खिलाफ तीखी टिप्पणियां की थीं, तब बाल ठाकरे ने कांग्रेस का विरोध किया था। उन्होंने कहा, ''...उस समय उद्धव ठाकरे का हिंदुत्व कहां था? दरअसल, जो लोग पहले उनके साथ थे, वे अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में जा रहे हैं और इसी से वह असहज हैं।'' उनकी पार्टी के सहयोगी और मंत्री नितेश राणे ने दावा किया कि ठाकरे ''पाकिस्तानी एजेंट की तरह बोल रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''उद्धव ठाकरे ओसामा बिन लादेन की भाषा बोल रहे हैं। जिन स्थानों पर उद्धव ठाकरे 'महाआरती' करते हैं, उन्हें ''गोमूत्र'' से 'शुद्ध' किया जाना चाहिए।''

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