मुख्यमंत्री विजय ने तीन ‘तमिलों’ की ‘हत्या’ की निंदा की, कहा- कर्नाटक वन विभाग का स्पष्टीकरण अस्वीकार्य
चेन्नई, सोमवार, 17 अगस्त 2026। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कर्नाटक वन विभाग की गोलीबारी में तीन ‘‘तमिलों’’ के मारे जाने की घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि इस घटना पर विभाग की ओर से दी गई सफाई ‘‘स्वीकार्य नहीं’’ है। वन विभाग की गोलीबारी की घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बेहद ‘‘पीड़ादायक’’ बताया और कहा कि कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांवों में रहने वाले तमिलों – एंथनी सैमी, जॉन रोज पीटर और कुमार को 15 अगस्त की सुबह कावेरी वन्यजीव अभयारण्य इलाके में वन विभाग के कर्मियों ने गोली मार दी थी।
मुख्यमंत्री ने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं इस निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। इस घटना के बारे में कर्नाटक वन विभाग ने जो सफाई दी है, वह स्वीकार्य नहीं है। इस जघन्य घटना की जांच एक उच्च-स्तरीय समिति से निष्पक्ष रूप से कराई जानी चाहिए।’’ उन्होंने मांग की कि दोषियों को उचित सजा दी जाए और पड़ोसी राज्य पीड़ितों के परिवारों को आवश्यक मुआवजा दे। विजय ने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक सरकार से आग्रह करता हूं कि कर्नाटक सरकार उचित कदम उठाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं हों।’’
तमिल मूल के तीन लोगों की ‘‘हत्या’’ पर हैरानी जताते हुए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने इसे ‘‘क्रूर और अमानवीय कृत्य’’ करार दिया तथा तमिलनाडु सरकार से मेकेदातु बांध के मुद्दे की तरह इस मामले में भी ‘‘चुप नहीं रहने’’ का आग्रह किया। यह घातक घटना शनिवार तड़के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के शग्या रेंज के घने वन क्षेत्र में हुई। वनकर्मियों को संदिग्ध शिकार की गतिविधि की सूचना मिली थी जिसके बाद उनका सामना चार लोगों से हुआ। इनमें से एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में से एक की पत्नी की औपचारिक शिकायत के बाद हनूर पुलिस ने घटना में शामिल वन अधिकारियों के खिलाफ हत्या की सजा से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने दोहराया कि उन्होंने मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए गए हैं और भरोसा दिलाया कि सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जांच के दौरान गोलीबारी से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी पेश करेंगे जिसमें यह भी शामिल होगा कि क्या कथित अपराधियों ने आत्मरक्षा में वनकर्मियों पर गोली चलाई थी या उन्होंने खुद गोलीबारी शुरू की थी।
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