उत्तराखंड के कॉर्बेट व राजाजी अभयारण्यों में सात वर्ष बाद हाथी सफारी फिर शुरू
ऋषिकेश, सोमवार, 24 नवंबर 2025। उत्तराखंड के कॉर्बेट बाघ अभयारण्य (सीटीआर) और राजाजी बाघ अभयारण्य (आरटीआर) में पर्यटक लगभग सात वर्ष बाद फिर हाथी सफारी का आनंद उठा सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उत्तराखंड के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजन कुमार मिश्रा ने बताया कि कानूनी जटिलताएं दूर होने के बाद हाथी सफारी को फिर शुरू करने का प्रस्ताव उत्तराखंड वन्यजीव सलाहकार परिषद में रखा गया था, जिसे परिषद के पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पदेन उपाध्यक्ष वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मंजूरी दे दी। मिश्रा ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद दोनों अभयारण्यों में हाथी सफारी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान पर्यटन सत्र में सीटीआर की ढिकाला और झिरना रेंज तथा आरटीआर की चीला रेंज में हाथी सफारी शुरू की गई है, जिसे लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने तीन अगस्त 2018 को राज्य में हाथी सफारी पर रोक लगा दी थी। बाद में उच्चतम न्यायालय ने 29 जनवरी 2019 को यह प्रतिबंध हटाया, जिसके बाद सफारी को पुनः शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने कहा, ‘‘हाथी सफारी बच्चों और युवा पीढ़ी को वन्यजीवन एवं वन संरक्षण से जोड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाथी सफारी के माध्यम से वे जंगल के उन हिस्सों को भी देख सकेंगे, जहां जिप्सी की पहुंच नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि इस कदम से बच्चों और युवा पीढ़ी में जंगल और वन्यजीवों के प्रति लगाव और मजबूत होगा, जो अंततः वनों एवं वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा।
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