एसआईआर से केवल भ्रम पैदा होगा, लोगों को सतर्क रहना चाहिए: तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख
चेन्नई, गुरुवार, 06 नवंबर 2025। कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगाई ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘‘विशेष गहन पुनरीक्षण’’ (एसआईआर) अभियान ‘‘जल्दबाजी में लाया गया’’ जिसकी अभी कोई आवश्यकता नहीं थी और इससे केवल भ्रम ही पैदा होगा। इसके अलावा, उन्होंने अभिनेता-राजनीतिक नेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम की भी आलोचना की, जिसने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार और पुलिस ने उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगाए हैं।
एसआईआर के मुद्दे पर हुई पार्टी की बैठक में भाग लेने के बाद श्रीपेरुंबुदूर उपनगर में कांग्रेस नेता ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि फिलहाल एसआईआर की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने दावा किया, ‘‘इसे तमिलनाडु में मानसून की अवधि के दौरान जल्दबाजी में लाया गया। भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आयोग ने दावा किया है कि 2003 में भी इसी तरह की कवायद की गई थी। इससे संबंधित जानकारियां वेबसाइट से क्यों हटा दी गईं?’’
सेल्वापेरुंथगाई ने मतदाताओं से सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने का कहा कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। उन्होंने लोगों से कहा, ‘‘उन्हें किसी को भी अपने नाम से वोट नहीं डालने देना चाहिए और न ही उत्तर भारतीयों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने देने चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समय की कमी और अंतिम बूथ सूची के अभाव के कारण एसआईआर को निलंबित करने के लिए पांच नवंबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को याचिका दी थी। सेल्वापेरुंथगाई ने कहा, ‘‘स्पष्ट और अंतिम बूथ सूची के बिना पूरी प्रक्रिया वास्तविक मतदाताओं के लिए भ्रम और अन्याय की वजह बनेगी।’’ उन्होंने कहा कि एसआईआर 2003 के दिशानिर्देशों के आधार पर किया जा सकता है, न कि 2025 के दिशानिर्देशों के आधार पर।
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