मानहानि: न्यायालय ने अभय चौटाला को भेजा गया समन रद्द करने के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज की
नई दिल्ली, मंगलवार, 16 सितंबर 2025। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख अभय सिंह चौटाला को 2008 में दायर मानहानि के मामले में तलब करने के आदेश को रद्द करने संबंधी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी। चौटाला के खिलाफ यह मामला सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने दर्ज कराया था। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि वह उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है। शीर्ष अदालत परमवीर राठी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उच्च न्यायालय के 19 दिसंबर 2023 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें चौटाला को तलब करने के आदेश को रद्द कर दिया गया था।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने अगस्त 2008 में चौटाला और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए थे जो विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए थे और इससे उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति हुई है। गुरुग्राम की एक अदालत ने 2010 में चौटाला को समन भेजा था जिसे चौटाला ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत में चुनौती दी थी, जिसने आदेश को बरकरार रखा था। इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने समन आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि राठी द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक साक्ष्य के दौरान यह स्थापित नहीं हुआ कि चौटाला ने कथित मानहानिकारक बयान दिए थे।
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