न्यायालय ने ‘आप’ विधायक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 18 जून तक स्थगित की

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नई दिल्ली, सोमवार, 10 जून 2024। उच्चतम न्यायालय ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के नेता एवं पंजाब के विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा की गिरफ्तारी एवं रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 18 जून तक स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने यह देखते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी कि ‘आप’ विधायक ने मामले में कोई प्रत्युत्तर दाखिल नहीं किया है। ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले की सुनवाई की शुरुआत में दलील दी कि यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 19 और पर्याप्त आधारों के बारे में है। 

उन्होंने कहा कि इस मामले में उठाए गए मुद्दे अरविंद केजरीवाल के मामले से मिलते-जुलते हैं, जिसमें फैसला पहले ही सुरक्षित रखा जा चुका है। ‘आप’ विधायक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने दलील दी कि दोनों मामले एक जैसे नहीं हैं और रिमांड पर भेजे जाने का मुख्य कारण पेश नहीं होना है। इसके बाद शीर्ष अदालत ने पूछा कि क्या मामले में दलीलें पूरी हो चुकी हैं। पीठ ने यह बताए जाने पर मामले की सुनवाई 18 जून तक के लिए स्थगित कर दी कि अभी प्रत्युत्तर दाखिल किया जाना है।

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने ‘आप’ विधायक को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले साल मई में 40 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में गज्जन माजरा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी। ईडी ने सितंबर 2022 में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी धनशोधन मामले की जांच के तहत गज्जन माजरा से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने 32 लाख रुपये नकद, कुछ मोबाइल फोन और हार्ड ड्राइव जब्त किए थे।

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