महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया
अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर), गुरुवार, 18 अप्रैल 2024। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया। यहां लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में सात मई को मतदान होगा। पार्टी के कई नेताओं और सैकड़ों समर्थकों के साथ महबूबा अनंतनाग के उपायुक्त और निर्वाचन अधिकारी सैयद फखरुद्दीन के कार्यालय में अपना नामंकन पत्र दाखिल करने पहुंचीं। पर्चा दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों से चुनावों का बहिष्कार न करने की अपील की। उन्होंने कहा ‘यह चुनाव जम्मू-कश्मीर की गरिमा, पहचान और संसाधनों पर किए गए हमले के मुद्दों पर है।”
उन्होंने कहा, ”मैं जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों से अपील करती हूं कि वे चुनाव का बहिष्कार न करें। दक्षिण कश्मीर में वे लोगों से चुनाव का बहिष्कार कराने की कोशिशें कर रहे हैं। उनकी साजिशों का पर्दाफाश होना चाहिए। आप लोग उस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें जो उत्पीड़ित लोगों और जेल में बंद लोगों के लिए आवाज उठा सके।” पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि यह लोकसभा चुनाव बिजली, पानी और सड़क जैसे विकास संबंधी मुद्दों के बारे में नहीं है। उन्होंने कहा, ”यह चुनाव ‘बिजली, पानी या सड़क’ के लिए नहीं है। यह चुनाव साल 2019 के बाद से हमारी गरिमा, पहचान, संपत्ति और संसाधनों पर किए गए हमले को खत्म करने के लिए है। यह पीडीपी या नेकां या किसी अन्य पार्टी के बारे में नहीं है। फिलहाल मुद्दा यह है कि कश्मीर को खुली जेल में तब्दील कर दिया गया है।”
मुफ्ती ने कहा, ”आज हमसे हमारे सारे संसाधन छीने जा रहे हैं और हमें बंधुआ मजदूर बनाने की कोशिश की जा रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। यह जमीन और इस जमीन पर नौकरियां हमारी हैं। हम अपनी पहचान पर हमला नहीं होने देंगे।” लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में अनंतनाग-राजौरी सीट पर सात मई को मतदान होगा। साल 2022 में जम्मू-कश्मीर में किए गए परिसीमन के बाद अनंतनाग-पुलवामा और जम्मू-पुंछ-राजौरी लोकसभा सीटों के कुछ हिस्सों को मिला कर बने इस निर्वाचन क्षेत्र में शुक्रवार तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे।
अनंतनाग-राजौरी सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जबकि डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। अब ऐसी स्थिति में इस सीट पर पीडीपी अध्यक्ष और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रभावशाली गुर्जर नेता मियां अल्ताफ अहमद के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। आजाद के नाम वापस लेने के बाद डीपीएपी ने मोहम्मद सलीम पर्रे को मैदान में उतारा है, जबकि अपनी पार्टी ने जफर इकबाल मन्हास को अपना उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।
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