आबकारी नीति मामला : दिल्ली उच्च न्यायालय ने ईडी की याचिका पर केजरीवाल, सिसोदिया से जवाब मांगा

img

नई दिल्ली, मंगलवार, 10 मार्च 2026। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आबकारी नीति मामले में आरोपी 21 अन्य लोगों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें निचली अदालत द्वारा ईडी के खिलाफ की गई ''अनुचित'' टिप्पणियों को हटाने का अनुरोध किया गया है। मामले को 19 मार्च को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि सीबीआई मामले में सभी 23 आरोपियों को आरोप मुक्त करने वाले निचली अदालत के आदेश में की गई टिप्पणियां सामान्य प्रकृति की प्रतीत होती हैं।

अदालत ने कहा, ''ये सामान्य टिप्पणियां हैं और इनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने (मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश ने) ये बातें इस मामले के संदर्भ में नहीं कही थीं। उन्होंने जो भी महसूस किया, वही कहा... उन्हें लगा कि जांच अनुचित थी, इसलिए उन्होंने टिप्पणियां कीं, जैसा कि कुछ न्यायाधीश आमतौर पर करते हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूं।'' ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने दलील दी कि निचली अदालत के न्यायाधीश को उस मामले में प्रतिकूल टिप्पणी करने और आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं था, जिसमें ईडी पक्षकार ही नहीं थी।

उन्होंने कहा, ''ईडी के खिलाफ सीधे आरोप लगाए गए हैं जबकि ईडी इस मामले में पक्षकार नहीं है। ईडी का इससे कोई लेना-देना नहीं है... इनका इस्तेमाल मेरे (ईडी) खिलाफ किया जाएगा।'' राजू ने अदालत से अनुरोध किया कि वह निर्देश दे कि इन टिप्पणियों का किसी अन्य मामले पर कोई प्रभाव न पड़े। कुछ आरोपियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि ईडी द्वारा उजागर की गई टिप्पणियां संदर्भ से परे थीं और उन्हें टुकड़ों में नहीं देखा जा सकता। इसके बाद अदालत ने वकील से जवाब दाखिल करने को कहा और इस बात पर भी गौर किया कि सीबीआई ने पहले ही निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया था।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement