भगवंत मान बोले- पठानकोट हमले के बाद केंद्र ने मांगा था सेना भेजने का खर्च, क्या देश का हिस्सा नहीं पंजाब
नई दिल्ली, शनिवार, 02 अप्रैल 2022। पंजाब में के मुख्यमंत्री बनने के बाद भगवंत मान लगातार सुर्खियों में हैं। वह नए-नए फैसले ले रहे हैं जिसकी चर्चा खूब हो रही है। इन सब के बीच आज पठानकोट हमले को लेकर भगवंत मान ने विधानसभा में बड़ा दावा कर दिया। भगवंत मान ने कहा कि पठानकोट हमले के दौरान सेना ने आतंकियों का डटकर मुकाबला किया और उन्हें ढेर किया। लेकिन कुछ दिनों के बाद मुझे एक पत्र मिला जिसमें पंजाब को पांच 7.5 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा गया था। क्योंकि पठानकोट हमले के दौरान केंद्र की ओर से सेना भेजी गई थी। भगवंत मान ने दावा किया कि इसके बाद मैं और साधु सिंह तत्कालिन गृह मंत्री राजनाथ सिंह गए। हमने उनसे कहा कि आप एमपीलैड से कटौती करें लेकिन हमें लिखित में दें कि पंजाब देश का हिस्सा नहीं है और भारत से सेना किराए पर ली गई थी। सबसे पहले बंदूक की गोलियां हमारी छाती पर चलती हैं।
आपको बता दें कि 2 जनवरी 2016 को सुबह 3:30 पर पंजाब के पठानकोट में वायु सेना स्टेशन पर भारी मात्रा में बारूद लेकर आतंकवादियों ने हमला किया था। जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों से मुठभेड़ में हमारे 2 जवान शहीद हुए थे जबकि तीन अन्य सिपाहियों ने अस्पताल में दम तोड़ा था। हालांकि सभी आतंकवादी को मार गिराया गया था। पठानकोट में संभावित बचे हुए आतंकियों के छिपे होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खोज अभियान 5 जनवरी तक चलाया गया था। उस समय देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह है।
भगवंत मान ने कहा कि दिल्ली में कोई भी काम करना हो तो उपराज्यपाल से अनुमति मांगनी पड़ती है वहां CM का कुछ नहीं चलता क्योंकि वहां सरकार किसी और पार्टी की बनी हुई है। पंजाब ने केंद्र सरकार से एक्स्ट्रा बिजली मांगी लेकिन हमें मना कर दिया गया और हरियाणा को दे दिया। दूसरी तरफ पीएम मोदी कहते हैं कि सबका साथ सबका विकास तो कहां है साथ? ना आपको साथ देना है और ना ही आपको साथ लेना है।
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