प्रियंक ने प्रधानमंत्री मोदी पर पिता की टिप्पणी का किया बचाव, भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप
बेंगलुरु, सोमवार, 27 अक्टूबर 2026। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने सोमवार को अपने पिता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी का बचाव किया और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस टिप्पणी को मुद्दा बना रही है, जबकि अपने ही नेताओं के बयानों को नजरअंदाज कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की। कार्यक्रम में दर्शकों में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खरगे ने कथित तौर पर कहा, ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा, बाप भी जाएगा।’’ प्रियंक खरगे ने कहा, ‘‘भाजपा गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाने में माहिर है।’’ उन्होंने कहा कि टिप्पणी करने के पीछे के संदर्भ को पहले समझा जाना चाहिए।
प्रियंक ने संवाददाताओं से कहा कि कार्यक्रम में मौजूद भाजपा के एक समर्थक ने मल्लिकार्जुन खरगे को चुनौती देते हुए कहा था कि न तो वह और न ही उनके पिता मोदी का कुछ बिगाड़ सकते हैं। इसके जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष ने यह टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, ‘‘वह उस बात का जवाब था। और जैसा कि आप सभी जानते हैं, आम तौर पर लोग इसी तरह बात करते हैं, चाहे कोई भी भाषा हो।’’ प्रियंक खरगे ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी तथा अन्य नेताओं के बारे में कथित तौर पर जो टिप्पणियां की थीं, उन्हें भी याद किया जाना चाहिए।
खरगे ने कहा, ‘‘भाजपा को अपना इतिहास भी देखना चाहिए। मोदी ने हजारों लोगों की मौजूदगी में मंच से राजीव गांधी के बारे में अपमानजनक बातें कही थीं। अमित शाह ने इंदिरा गांधी के बारे में कहा था, ‘अगर आपकी दादी स्वर्ग से धरती पर लौट भी आएं, तब भी डीएनए नहीं बदला जा सकता।’’’ मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के शीर्ष नेताओं ने ‘‘जर्सी गाय’’ और ‘‘हाइब्रिड बछड़ा’’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया था।उन्होंने कहा, ‘‘ये तथाकथित संस्कारी लोग भूल जाते हैं कि मोदी और शाह ने क्या कहा है। अगर आप प्राथमिकी दर्ज करा दें या सौ लोग आकर हमें सोशल मीडिया पर निशाना बनाएं, तो भी कुछ नहीं बदलने वाला। हमें उनसे संस्कार सीखने की जरूरत नहीं है।’’
उन्होंने भाजपा पर अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया और यह भी पूछा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कहां हैं। खरगे ने कहा, ‘‘वे अपने पसंदीदा व्यक्ति ज्ञानेश कुमार से ध्यान हटाना चाहते हैं। वह कहां छिपे हुए हैं? यही समस्या है। वे केवल उन मौजूदा समस्याओं से ध्यान भटकाना चाहते हैं, जिनका वे सामना कर रहे हैं। वे सवालों का जवाब नहीं देना चाहते।’’ कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि भाजपा ज्ञानेश कुमार के माध्यम से निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी सवाल उठाती रही है।
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