मक्का पर ड्रोन हमले की कोशिश को लेकर भारत ने जताई चिंता

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नई दिल्ली, बुधवार, 16 सितंबर 2026। भारत ने सऊदी अरब के मक्का शहर पर ड्रोन हमले का प्रयास किये जाने को लेकर बुधवार को गहरी चिंता जताई और पश्चिम एशिया में जल्द शांति बहाल करने की अपनी अपील दोहराई।  सऊदी अधिकारियों ने रियाद में बताया कि मंगलवार शाम को मक्का को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हूती विद्रोहियों के एक ड्रोन को मार गिराया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर बहुत चिंतित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत, सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और आम नागरिकों की जान तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली गतिविधियों की निंदा करता है।’’ जायसवाल ने कहा, ‘‘मक्का के पास हुई घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का खास महत्व है।’’

वह मीडिया के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। जायसवाल ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि इस इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।’’ मक्का को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले को पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की एक बड़ी घटना के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में, जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर कई हमले किए हैं। मंगलवार को सऊदी अरब के पश्चिमी तट के कई इलाकों (जिनमें मक्का भी शामिल है) में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने शहर के दक्षिण में हूतियों के एक ड्रोन को मार गिराया।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया गया। हालांकि, हूतियों ने मक्का या किसी भी इस्लामी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। मंगलवार को भारत ने सऊदी अरब की नागरिक अवसंरचना और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर हूतियों के हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। भारत ने आगाह किया कि ऐसे हमलों से इलाके में स्थिरता कमजोर होती है और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की मुक्त आवाजाही को खतरा पैदा होता है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ बैठक में पश्चिम एशिया के ताजा हालात पर चर्चा की। मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमले की निंदा की है, जिसमें नागरिक अवसंरचना और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर हुए हमले भी शामिल हैं। मेरा मानना है कि ऐसे हमले इलाके में स्थिरता को प्रभावित करते हैं और बाब-अल-मंदेब से जहाजों की मुक्त आवाजाही को खतरा पैदा करते हैं।’’ ईरान समर्थित हूती चरमपंथी समूह ने सऊदी अरब की ‘ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन’ पर हमला किया था, जिसे कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए बहुत अहम माना जाता है।

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