स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव करें सुनिश्चित - राज्य निर्वाचन आयुक्त

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  • नगर निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर बैठक 
  • पर्यवेक्षकों को प्रभावी निगरानी एवं समन्वय के निर्देश

जयपुर, गुरुवार, 03 सितंबर 2026। प्रदेश में नगर निकाय आम चुनाव-2026 की निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में पर्यवेक्षकों की प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रभावी पर्यवेक्षण तथा उनके दायित्वों के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

पर्यवेक्षण कार्य दो चरणों में — 

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि नगर निकाय आम चुनाव-2026 में पर्यवेक्षण कार्य भी दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण का पर्यवेक्षण 7 सितंबर से 14 सितंबर, 2026 तक रहेगा, जो सदस्य पद की मतगणना पूर्ण होने तक जारी रहेगा। वहीं, द्वितीय चरण का पर्यवेक्षण 21 सितंबर से 22 सितंबर, 2026 तक अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन तक किया जाएगा।

जिला प्रशासन एवं निर्वाचन अधिकारियों के साथ लें तैयारियों का जायजा — 

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि सभी पर्यवेक्षक आवंटित जिलों में जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के साथ तैयारी बैठक कर निर्वाचन के आंकड़ों एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जानकारी प्राप्त करें। साथ ही, नगरीय निकायों का दौरा करें और जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर से निर्वाचन की आवश्यक तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लें। इससे स्थानीय अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय एवं प्रभावी व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करने में उन्हें मदद मिलेगी।

आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें —

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का कोई मामला संज्ञान में आने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर को तत्काल अवगत कराया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा रिटर्निंग अधिकारी के स्तर से समुचित कार्रवाई नहीं किए जाने की स्थिति में प्रकरण राज्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाया जाए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आयोग द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान पूरी तरह सजग एवं सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में निर्वाचन प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखें तथा निर्वाचन से संबंधित आवश्यक रिपोर्ट समयबद्ध रूप से आयोग को प्रेषित करें, ताकि आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में पर्यवेक्षकों को निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किए जाने वाले कार्यों, दायित्वों एवं संबंधित नियमों की प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में दो चरणों में मतदान संपन्न होगा। प्रथम चरण में 9 सितंबर तथा द्वितीय चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा। बैठक में संबंधित अधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे तथा जिलों से भी अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।

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