टीबी मुक्त राजस्थान के लक्ष्य के लिए स्क्रीनिंग, जांच और उपचार में लाएं तेजी- मुख्य सचिव

img

  • कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों पर विशेष ध्यान देते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
  • टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या 29 से बढ़कर हुई 6,547

जयपुर, गुरुवार, 20 अगस्त 2026। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की पालना में प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों को और गति दी जाए। इसके लिए स्क्रीनिंग, जांच और उपचार को सघन करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा जिला स्तर पर प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव गुरुवार को शासन सचिवालय में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने टीबी की समय पर पहचान के लिए एक्स-रे मशीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने और न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT) बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की कार्यप्रणाली से सीख लेते हुए अन्य जिलों में भी प्रभावी कार्ययोजना के साथ परिणामों में सुधार लाया जाए।

श्रीनिवास ने टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) और डिफरेंशिएटेड टीबी केयर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी रोगी का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के साथ उसके परिवार के पात्र सदस्यों की स्क्रीनिंग और आवश्यकतानुसार प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने टीबी उन्मूलन में जनभागीदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने माय भारत स्वयंसेवकों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने, एनसीसी कैडेट्स की ब्लॉक स्तर तक भागीदारी बढ़ाने तथा एएनएम, आशा सहयोगिनी और सीएचओ सहित जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कार्मिकों की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने टीबी मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार कर समयबद्ध रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग श्रीमती गायत्री राठौड ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में 29 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई थीं। यह संख्या वर्ष 2023 में बढ़कर 586, वर्ष 2024 में 3,350 तथा वर्ष 2025 में 6,547 तक पहुंच गई।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश में 2 करोड़ 38 लाख 43 हजार 583 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है तथा टीबी रोगियों को 2 लाख 4 हजार 888 पोषण किट वितरित की गई हैं। वर्ष 2026 में एक्स-रे उपयोग लक्ष्य के मुकाबले 83 प्रतिशत तक पहुंचा है। श्रीमती राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में टीबी जांच के लिए 643 NAAT लैब, 132 हैंड-हेल्ड एक्स-रे यूनिट और 652 फिक्स्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं। अभियान के दौरान 3 लाख 29 हजार से अधिक NAAT टेस्ट और 35 लाख 87 हजार से अधिक एक्स-रे किए गए हैं। बैठक में एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. जोगा राम सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement