पुरी रथयात्रा के लिए तैयार, ओडिशा सरकार 'हाई अलर्ट' पर

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पुरी, बुधवार, 15 जुलाई 2026। ओडिशा में समुद्र के किनारे बसे पुरी शहर में बृहस्पतिवार को भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन की वार्षिक रथ यात्रा के लिए तीन शानदार लकड़ी के रथ 'ग्रैंड रोड' पर निकलने को तैयार हैं। इस बड़े आयोजन के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घोषणा की कि तीनों रथों - भगवान बलभद्र के 'तालध्वज', देवी सुभद्रा के 'दर्पदलन' और भगवान जगन्नाथ के 'नंदीघोष' - का निर्माण और सजावट पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि देवताओं से 'आज्ञामाला' (अनुमति का संकेत देने वाली माला) मिलने के बाद इन रथों को 12वीं सदी के इस मंदिर के 'सिंहद्वार' तक ले जाया गया।

मंदिर के सामने 'ग्रैंड रोड' पर कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों रथ खड़े हैं। बृहस्पतिवार को देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु रथ खींचने की प्रक्रिया देखेंगे। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढी ने बुधवार को पत्रकारों को बताया, ''महाप्रभु (भगवान जगन्नाथ) की कृपा से प्रशासन बृहस्पतिवार को सालाना रथ यात्रा आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस तैयारी में ओडिशा पुलिस के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल जैसे विभिन्न सरकारी विभाग भी शामिल हैं। इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी इंतजाम कर लिये गये हैं।''

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और त्वरित कार्यबल (आरएएफ) के कमांडो, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के जवानों समेत केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियां (लगभग 1,500 जवान) और 13,000 पुलिसकर्मी पहले ही तैनात किए जा चुके हैं तथा समुद्र तट पर 500 'लाइफगार्ड' भी तैनात किए गए हैं। मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि सभी रस्में होने के बाद 'छेरा पहंदा' (गजपति महाराजा द्वारा रास्ते की सफाई) की पारंपरिक रस्म और पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के दर्शन के उपरांत शाम चार बजे तीनों देवताओं के रथों को खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि करीब एक लाख लोग पहले ही पुरी पहुंच चुके हैं।

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने कहा कि पुरी की सालाना रथ यात्रा के लिए हर ओर से से निगरानी समेत कई स्तरों वाली सुरक्षा योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा, ''इस बार हमारा ध्यान भीड़ को संभालने, यातायात प्रबंधन और आपात कार्रवाई पर होगा तथा हम 'ड्रोन' और 'एंटी-ड्रोन' उपकरण के माध्यम से आसमान से सुरक्षा का ध्यान रखेंगे।'' उन्होंने बताया कि समुद्र में भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री थाने की संयुक्त गश्त व्यवस्था शुरू की गई है और जहाजों पर त्वरित कार्रवाई दल तैनात किये जायेंगे। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मंदिर के पास सुरक्षा वाहन भी तैनात किए गए हैं।

अपर पुलिस महानिदेशक सौमेंद्र के प्रियदर्शी ने बताया कि भगदड़ जैसी स्थितियों से बचने के लिए खास सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं जिसके तहत पुलिस बल के ठहरने की व्यवस्था, गाड़ियों के व्यवस्थित आवागमन, बैरिकेडिंग, ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर ज़रूरी समस्याओं के समाधान और श्रद्धालुओं के व्यवस्थित 'दर्शन' के लिए विशेष इंतज़ाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ड्रोन, बम निष्क्रय दस्ते और श्वान दस्ते भी तैनात किए गए हैं। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग के भारी बारिश और आंधी-तूफान के पूर्वानुमान को देखते हुए, ग्रैंड रोड से बारिश का पानी निकालने के लिए खास इंतज़ाम किए जा रहे हैं।

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