बच्चे बोझ नहीं, बल्कि समृद्धि का स्रोत: मुख्यमंत्री नायडू
अमरावती, रविवार, 28 जून 2026। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को पल्स पोलिया राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर अमरावती स्थित अपने कैंप कार्यालय में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई। इस अवसर पर अभिभावकों के साथ बातचीत करते हुए नायडू ने संयुक्त परिवार प्रणाली को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के पालन-पोषण में पिताओं को भी समान जिम्मेदारी उठानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को अब "बोझ के रूप में नहीं, बल्कि धन और समृद्धि के स्रोत के रूप में" देखा जाना चाहिए।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, "पतियों और परिवार के अन्य पुरुषों को बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। बच्चे के जन्म के बाद उसकी परवरिश और देखभाल करने को केवल माताओं की ही जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए। अतीत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले के समय में दादा-दादी और परिवार के अन्य सदस्य बच्चों के पालन-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार प्रणाली ने बच्चों को अच्छे संस्कार देने में अत्यधिक योगदान दिया है और उन्होंने उम्मीद जताई कि इस व्यवस्था की वापसी होगी।
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