उद्धव ने बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की, कहा- दल-बदल एक बड़ी साजिश का हिस्सा

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परभणी, रविवार, 28 जून 2026। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को पार्टी के उन छह सांसदों को तुरंत अयोग्य घोषित करने की मांग की जो हाल ही में एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका पाला बदलना एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। परभणी में एक रैली को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को दल-बदल के मामले में कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का केंद्रीय नेतृत्व सुनियोजित तरीके से अपने ही राज्य के नेताओं के 'पर कतर रहा है'।

उन्होंने राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक फायदे के लिए मंदिर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उसे 'बाबर जनता पार्टी' करार दिया। उन्होंने सवाल किया, ''बाबर ने राम मंदिर को तोड़ा था। अब एक 'बाबर जनता पार्टी' नए बने मंदिर को लूटने आई है। उनमें क्या अंतर है?'' ठाकरे ने बताया कि शिवसेना (उबाठा) के वफादार सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक पत्र सौंपकर अपना पक्ष रखने का मौका मांगा है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष द्वारा सुनवाई की तारीख पहले कर दिए जाने के बाद पार्टी सांसद अरविंद सावंत को कारगिल का अपना आधिकारिक दौरा बीच में ही छोड़ना पड़ा।

उन्होंने कहा, ''अगर इस देश में कानून का राज है, तो इन छह सांसदों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। मुझे अब भी लोकसभा अध्यक्ष पर भरोसा है क्योंकि अगर वह खुद कानून का पालन नहीं करेंगे, तो दूसरों से ऐसा करने के लिए नहीं कह सकते। हम उनके अधिकार का सम्मान करते हैं, उनकी इच्छाओं का नहीं।'' इस हफ्ते की शुरुआत में शिवसेना (उबाठा) के छह बागी लोकसभा सदस्य उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हो गए। उन्होंने 2024 के आम चुनावों में भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों को हराया था। शिवसेना (उबाठा) ने 2024 में महाराष्ट्र में नौ लोकसभा सीट जीती थीं। ठाकरे ने उन चुनाव क्षेत्रों का दौरा किया है जिनका प्रतिनिधित्व बागी सांसद करते हैं। बागी सांसदों में से एक, संजय जाधव, परभणी से हैं।

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने आरोप लगाया कि दल-बदल एक 'बड़ी राजनीतिक चाल' का हिस्सा था, जिसे उन्होंने 'ऑपरेशन देवेंद्र' नाम दिया। उद्धव ने कहा कि इसका मकसद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किनारे करना था, ठीक वैसे ही जैसे पार्टी ने अतीत में दूसरे नेताओं के साथ किया है। उन्होंने आरोप लगाया, ''यहां (परभणी में) लोगों ने मोदी लहर के खिलाफ वोट दिया। अब जो सांसद उस लहर के खिलाफ जीता था, वह दूसरी तरफ चला गया है। यह सिर्फ बगावत नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक चाल है।''

ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदारों को किनारे कर देता है। उन्होंने इसके उदाहरण के तौर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और फडणवीस का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में साथ-साथ विमान यात्रा के दौरान फडणवीस 'बेबस' दिखे क्योंकि 'उनके अपने ही बॉस उनके पर कतर रहे थे'। एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में उपमुख्यमंत्री का 'कोई भविष्य नहीं है' और 'इस्तेमाल के बाद उन्हें फेंक दिया जाएगा'।

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