मुख्यमंत्री उमर ने जम्मू कश्मीर के नदी जल पर दावे को लेकर पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया
श्रीनगर, शुक्रवार, 14 अगस्त 2026। जम्मू कश्मीर के नदी जल पर दावा करने को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को पाकिस्तान को आड़े हाथ और कहा कि इस्लामाबाद को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के इस तरफ रहने वाले लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाने में भेदभाव नहीं करना चाहिए। अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए की।
शरीफ ने कहा था कि ‘पानी की हर बूंद हमारी लाल रेखा (जीवन-मरण का मामला) है’ और चेतावनी दी थी कि यदि पाकिस्तान की जल आपूर्ति को खतरा पहुंचाया गया तो वह ‘सीधा जवाब’ देगा। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम हमेशा से कहते आए हैं कि हमारा लहू पिया गया है। ये हमारी नदियां हैं और इन पर हमारा पहला अधिकार था। पाकिस्तानी कहते हैं कि वे कश्मीरियों के बहुत बड़े हमदर्द हैं, लेकिन जब पानी की बात आती है तो उनकी सहानुभूति गायब हो जाती है। जब हमें अपनी नदियों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई थी, तब उनकी सहानुभूति कहां थी?’ उन्होंने कहा कि छह नदियों में से भारत ने तीन नदियां (पंजाब की) अपने हिस्से में रखीं और ‘हमारी तीन नदियां पाकिस्तान को सौंप दी गईं’, और तब से जम्मू कश्मीर खामियाजा भुगत रहा है।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘तब से लेकर आज तक हम इस सिंधु जल संधि का खामियाजा भुगत रहे हैं। हम न तो चिनाब नदी से पीने का पानी ले सके, न ही तुलबुल पर बैराज बनाने के लिए झेलम नदी का पानी मोड़ सके सके और न ही अपनी किसी नदी पर बड़ा बांध बनाकर पानी रोक सके।’ गौरतलब है कि पिछले साल पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारा लहू पिया गया है और अब जबकि सिंधु जल संधि रद्द कर दी गई है तो इसे रद्द ही रहना चाहिए, ताकि हम इस पानी का सही इस्तेमाल कर सकें।’ उमर अब्दुल्ला ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की भी निंदा की।
उन्होंने कहा, ‘हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। इस तरह के हमले नहीं होने चाहिए। इससे पहले अमृतसर में भी हमला हुआ था, जिसके बाद कहा गया था कि उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा और उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी जाएगी। लेकिन जेड प्लस सुरक्षा कहां है? यह हमला दूसरी बार हुआ है और इस बार वह घायल भी हुए हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के हमले नहीं होने चाहिए। अगर किसी को किसी से शिकायत है तो वह चुनाव के माध्यम से अपनी बात रख सकता है। उन्होंने कहा, ‘हमले करना लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।’
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