अमेरिका-ईरान के बीच प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर, अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिन का युद्ध विराम लागू
एवियन (फ्रांस), गुरुवार, 18 जून 2026। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खाड़ी क्षेत्र में युद्ध विराम को 60 दिन तक बढ़ाने के लिए गुरुवार को एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इस समझौते का उद्देश्य ईरान-अमेरिका टकराव के चलते बंद पड़े महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार मार्ग को खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फ्रांस के वर्साय शहर में ऐतिहासिक वर्साय महल में और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने तेहरान में इस समझौते पर हस्ताक्षर किये। यह समझौता भारतीय समय के अनुसार आज सुबह पांच बजे से प्रभावी माना गया है। वर्साय पैलेस में हस्ताक्षर समारोह का आयोजन श्री ट्रम्प के सम्मान में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा आयोजित रात्रि-भोज के ठीक पहले किया गया था। दोनों पक्षों ने इसे युद्ध को खत्म करने की दिशा में पहला बड़ा कदम बताया है।
वाशिंगटन में व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक वीडियो में श्री ट्रंप फारसी भाषा के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हुए दिख रहे हैं। हस्ताक्षर करने के बाद उन्होंने कलम विदेश मंत्री मार्को रुबियो को थमा दी और निर्देश दिया कि इसे ईरानी प्रतिनिधिमंडल को सौंप दिया जाए ताकि वे भी इस पर हस्ताक्षर कर सकें। वहां मौजूद लोगों ने इस समझौते पर ताली बजाकर श्री ट्रंप का स्वागत किया। इसके कुछ ही समय बाद तेहरान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने भी इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि श्री पेजेशकियन ने इस समझौते पर डिजिटल तरीके से हस्ताक्षर किए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि हस्ताक्षर करने के साथ ही यह समझौता 'तुरंत' लागू हो गया है। 'इस्लामाबाद समझौते' के नाम से जाने जाने वाले इस समझौते पर दोनों पक्षों की महीनों की प्रत्यक्ष और परोक्ष बातचीत के बाद हस्ताक्षर किए गये हैं। इसके जरिए शांति बहाली के लिए एक व्यापक खाका तैयार किया गया है।दोनों देश अगले 60 दिनों में इस व्यवस्था को ठोस रूप देने की कोशिश करेंगे।
वर्साय का यह समारोह महीनों के तनाव और संघर्ष के बाद कूटनीति और बातचीत की सफलता का बड़ा अवसर रहा। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में सशस्त्र गुटों को ईरान के समर्थन से उत्पन्न विवाद ने 28 फरवरी युद्ध का रूप ले लिया। युद्ध के पहले दिन अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडरों की मृत्यु हो गयी। यह युद्ध तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल गया तथा होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री मार्ग बंद हो गया जो कि दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस के व्यापार का रास्ता है। इस लड़ाई से तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भारी असर पहुंचा है। इसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ी है।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन ने इस हस्ताक्षर को इस वर्ष की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलताओं में से एक बताया, जिसने दशकों से दुश्मन रहे दो देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ ला खड़ा किया। प्रारंभिक समझौते में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग को फिर से खोलेगा। सहमति पत्र में ईरान में सुधार और आर्थिक स्थिरता के लिए 300 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण एवं विकास योजना का भी प्रस्ताव है। अमेरिका ईरान पर लगाये गये सभी प्रतिबंधों को खत्म करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। इसे लागू करने का ब्योरा तय किया जाएगा। ईरान का परमाणु कार्यक्रम विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा है और यह अभी पूरी तरह से हल नहीं हुआ है। प्रारंभिक समझौते में परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए 60 दिनों का समय रखा गया है, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया भी जा सकता है। इस दौरान दोनों पक्ष परमाणु सुरक्षा और जांच के उपायों पर एक व्यापक समझौते तक पहुंचने का प्रयास करेंगे।
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