निर्वाचन आयोग ने 16 राज्यों, तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के तीसरे चरण की घोषणा की

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नई दिल्ली, बुधवार, 14 मई 2026। निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 30 मई से चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे दौर की शुरुआत की घोषणा की। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि इस चरण में दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नगालैंड, त्रिपुरा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव में एसआईआर होगा। पंजाब, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना उन विपक्ष शासित राज्यों में हैं जहां एसआईआर की प्रक्रिया संचालित होगी।

एसआईआर के तीसरे चरण के दौरान 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी 36.73 करोड़ मतदाताओं से घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। उनकी सहायता के लिए राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ स्तरीय एजेंट होंगे। बयान में कहा गया कि हिमपात वाले क्षेत्रों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एसआईआर का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। एसआईआर का तीसरा चरण पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में यह कवायद संपन्न हो जाएगी। एसआईआर के तीसरे चरण का कार्यक्रम इस समय जारी जनगणना में मकानों की गिनती की प्रक्रिया में लगे कर्मियों के अनुरूप तय किया गया है।

इन 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची इस साल अलग-अलग तारीख पर प्रकाशित की जाएगी। ओडिशा, सिक्किम, मिजोरम और मणिपुर में छह सितंबर को सूची जारी की जाएगी और आखिरी दौर में त्रिपुरा में 23 दिसंबर को प्रकाशित करने का कार्यक्रम है। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र और झारखंड के साथ सात अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। असम में 'विशेष पुनरीक्षण' किया गया था।

एसआईआर के इस चरण को लेकर अपने संदेश में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ''मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे एसआईआर के तीसरे चरण में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लें और अपने फॉर्म भरें। एसआईआर इस उद्देश्य के साथ किया जा रहा है कि सिर्फ पात्र मतदाताओं के नाम सूची में रहें और कोई भी अपात्र नाम नहीं रहे।'' एसआईआर के दूसरे चरण में नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों में 10.2 प्रतिशत लोगों के नाम काटे गए जिनमें 60 लाख से अधिक नाम ऐसे लोगों के थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
 

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