महाराष्ट्र : ईडी ने अशोक खरात मामले में फिर से छापेमारी की
नासिक, शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र के नासिक जिले में विवादित स्वयंभू बाबा अशोक खरात और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ धनशोधन जांच के तहत शुक्रवार को एक स्थान पर फिर से छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, शरणपुर कस्बे में खरात के एक ठिकाने पर छापा मारा गया। वहां कुछ दस्तावेजों और कंप्यूटर उपकरणों की जांच की जा रही है। इस मामले में पहली बार 13 अप्रैल को खरात, उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) प्रकाश पोफले, खरात के रिश्तेदारों और कुछ सहकारी ऋण समितियों की शाखाओं से जुड़े आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी ली गई थी।
एजेंसी ने पहले की छापेमारी में 42 लाख रुपये नकद जब्त किए थे और 2.4 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह नकदी और संपत्तियां किसकी थीं। संघीय जांच एजेंसी ने छह अप्रैल को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत खरात के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई नासिक पुलिस द्वारा उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संज्ञान में लेने के बाद की गई, जिसमें वसूली, धार्मिक छल-कपट और नशीले पदार्थ देकर कई महिलाओं का उत्पीड़न करने जैसे आरोप शामिल हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने स्वयंभू बाबा-एवं-ज्योतिषी खरात के कथित आपराधिक कृत्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। पुलिस अब तक उसके खिलाफ करीब 12 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। उसे नासिक पुलिस ने मार्च में गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन वर्षों तक उसका कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। वह फिलहाल नासिक जेल में है।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि खरात ने नासिक जिले की दो सहकारी ऋण समितियों में तीसरे पक्ष के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए थे। उन्होंने बताया कि इन खातों में वह स्वयं नामित व्यक्ति (नॉमिनी) था और खाते का संचालन करने के लिए उसने अपना मोबाइल नंबर उनसे लिंक कराया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह सामान्य वस्तुओं को ''दैवीय शक्ति से भरपूर वस्तु'' बताकर बेचता था और दावा करता था कि उनमें दैवीय उपचार शक्ति है। पीड़ितों से इस तरह वसूली गई रकम और वसूली से प्राप्त धन को उसने अपने सीए के माध्यम से विभिन्न जमीनों में निवेश किया।
पिछले कुछ सप्ताहों में खरात की प्रमुख नेताओं के साथ तस्वीरें और महिलाओं के साथ उसके कथित आपराधिक कृत्यों के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए, जिससे महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। पुलिस एसआईटी का आरोप है कि खरात महिलाओं का यौन शोषण करता था। वह दावा करता था कि उसके पास ''दैवीय शक्ति'' है और यदि महिलाएं उसकी बात नहीं मानेंगी तो इससे उनके परिवार के सदस्यों की जान को खतरा होगा या वह उन्हें बदनाम कर देगा।
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