मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की
जयपुर, शनिवार, 11 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सुदृढ़ कानून व्यवस्था एवं अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने पर एफआईआर का समयबद्ध अनुसंधान हो एवं लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाए। अपराध पर समयबद्ध कार्रवाई से ही पीड़ित को त्वरित न्याय एवं राहत मिलती है। ऐसे में अपराध को शुरूआत में ही रोकने पर फोकस किया जाए। शर्मा पुलिस मुख्यालय में प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का कार्य निर्धारण कर जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने प्रतिदिन स्थानीय स्तर पर ही जनसुनवाई कर अपराध एवं प्रकरणों के निस्तारण की जिलेवार रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक थानों एवं पुलिस महानिरीक्षक एसपी ऑफिस का नियमित निरीक्षण करें। साथ ही, पुलिस के उच्चाधिकारी भी नियमित रूप से जिलों का दौरा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस तंत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार सभी साधन-संसाधन देने को तत्पर है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम की प्रतिदिन उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग हो तथा पीडितों से भी संवाद किया जाए। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता एवं साइबर क्राइम पर रोकथाम के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवीन कानूनों के तहत एफआईआर, ई-एफआईआर और चार्जशीट के ई-रेकार्ड का नियमित अपडेशन हो। शर्मा ने विशेष कार्ययोजना बनाकर मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के साथ ही सीमावर्ती इलाकों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने गैंगस्टर्स एवं संगठित अपराधों के लोकल नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के कंधों पर पूरे समाज की जिम्मेदारी होती है। साथ ही, प्रदेश में निवेश अनुकूल माहौल बनाने में कानून-व्यवस्था की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मी आमजन से व्यवहार को लेकर सदैव सजग रहें तथा कम्यूनिटी पुलिसिंग को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने सीएलजी के सदस्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक के पश्चात् मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी सरकार अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। पिछले सवा दो वर्षों में प्रदेश में कुल अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। हमारा ध्येय आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर का है।
बैठक में बताया गया कि तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन में राजस्थान का देश में तीसरा स्थान है। वर्ष 2023 में बलात्कार एवं पोक्सो के प्रकरणों में अनुसंधान में लगने वाला औसत समय क्रमशः 107 व 103 दिन था, जो कि अब 42 व 40 दिन ही रह गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 में कुल अपराधों में 18.77 प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार इस समयावधि में हत्या के मामलों में 25.68 प्रतिशत की कमी, डकैती में 47.26 प्रतिशत की कमी, लूट प्रकरणों में 50.75 प्रतिशत की कमी, अपहरण के मामलों में 12.24 प्रतिशत की कमी, नकबजनी व चोरी के मामलों में 33.75 प्रतिशत की कमी एवं महिला अत्याचार में 9.94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, एससी-एसटी के विरुद्ध अपराधों में 28.29 प्रतिशत की कमी आई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी का गठन कर पेपरलीक व नकल माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के साथ ही ओएमआर घोटाले, डमी अभ्यर्थी, फर्जी डिग्री एवं फर्जी दिव्यागंता प्रमाण पत्र पर लगातार एक्शन लिया जा रहा है। इसी के चलते वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपरलीक की घटना नहीं हुई है। इस दौरान गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग एवं राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में संभाग व जिला स्तर से पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।
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