नवकार महामंत्र विश्व के प्राचीनतम एवं पावन मंत्रों में से एक- राज्यपाल

img

  • विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह आयोजित

जयपुर, गुरुवार, 09 अप्रैल 2026। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नवकार महामंत्र किसी एक व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में रची-बसी आत्मशुद्धि, आस्था एवं साधना का प्रतीक है। यह मानव को भीतर से सशक्त बनाकर उसे उच्चतर जीवन मूल्यों की ओर अग्रसर करता है। राज्यपाल श्री बागडे गुरुवार को जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा मेडिसिटी ग्राउण्ड, भीलवाड़ा में आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र विश्व के प्राचीनतम एवं पावन मंत्रों में से एक है, जो अहिंसा, अपरिग्रह एवं अनेकांतवाद जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। यह मंत्र न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि समाज में शांति, समृद्धि एवं सुरक्षा का भी संदेश देता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इसकी प्रासंगिकता और भी अधिक बढ़ गई है।

राज्यपाल श्री बागडे ने जैन धर्म की महान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि तीर्थंकरों ने क्रोध, मोह एवं द्वेष जैसे आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर आत्मज्ञान एवं मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में इन विकारों का त्याग कर आत्मोन्नति की दिशा में अग्रसर हो। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्ष एवं युद्ध मानवता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे परिदृश्य में भगवान महावीर द्वारा दिया गया “जियो और जीने दो” का संदेश अत्यंत प्रासंगिक है।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement