भाजपा के पूर्व सांसद ने कंबल वितरण कार्यक्रम में मुस्लिम महिला का अपमान किया: कांग्रेस नेता

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जयपुर, सोमवार, 23 फरवरी 2026। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व कांग्रेस के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने टोंक जिले में एक कंबल वितरण कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला का अपमान किया और उसका धर्म पूछकर कंबल वापस ले लिया। इन नेताओं ने जौनापुरिया के इस व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनाओं की व्याख्या में करुणा के बजाय नफरत झलकती है।

नेता प्रतिपक्ष जूली ने घटना के एक कथित वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि पूर्व सांसद निवाई तहसील के करेड़ा बुजुर्ग गांव गए थे, जहां उन्होंने कंबल वितरण के दौरान महिला का नाम जानने के बाद उसे दिया हुआ कंबल वापस ले लिया। जूली ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, ''एक जनप्रतिनिधि जो सांसद जैसे पद पर विराजमान रहे हों, वह इस तरह की हरकत करें यह बिल्कुल निंदनीय है।'' स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर को कंबल वितरण कार्यक्रम में हुई। वहां मौजूद कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शुरू में महिलाओं को कंबल दिए गए थे लेकिन बाद में उनके धर्म का पता लगने के बाद वापस ले लिए गए।

कथित वीडियो क्लिप में जौनापुरिया को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गाली देते हैं उन्हें कंबल लेने का हक ही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका व्यक्तिगत कार्यक्रम था और इसका किसी सरकारी योजना से संबंध नहीं था। पूर्व सांसद प्रधानमंत्री मोदी के 28 फरवरी को अजमेर में प्रस्तावित दौरे के लिए लोगों को आमंत्रित करने गए थे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा कि पूर्व सांसद जौनपुरिया द्वारा गरीब मुस्लिम महिला से कंबल वापस लेना एवं अपमानजनक व्यवहार करना शर्मनाक और घोर निंदनीय है।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीति एवं आरएसएस की विचारधारा नफरत, ध्रुवीकरण और बांटने की हो, तो जमीनी स्तर पर भाजपा नेताओं का ऐसा घटिया बर्ताव सामने आना आश्चर्य की बात नहीं है।' टोंक से विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जौनापुरिया की आलोचना करते हुए कहा, "भाजपा व आरएसएस की मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनाओं की व्याख्या में करुणा के बजाय नफरत झलकती है। एक गरीब, जरूरतमंद महिला को कंबल देने से वंचित करना और उसका अपमान करना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।"

उन्होंने कहा, "धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी है।" टोंक-सवाई माधोपुर से कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा ने भी जौनापुरिया के व्यवहार की आलोचना की है। उन्होंने कहा, "जौनापुरिया द्वारा मुस्लिम रोजेदार महिलाओं से किया गया व्यवहार न केवल निंदनीय है बल्कि इस देश के सामाजिक ताने बाने को नष्ट करने वाली विघटनकारी सोच का परिणाम है।" सांसद के अनुसार, "गरीब और असहाय महिलाओं को कंबल देकर फिर उनका नाम पूछकर, उनके धर्म के आधार पर कंबल वापस लेना-यह बेहद शर्मनाक और अमानवीय कृत्य है।"

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