ईडी ने पश्चिम बंगाल-झारखंड में कोयला माफिया मामले में नये सिरे से छापे मारे
कोलकाता, मंगलवार, 03 फरवरी 2026। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कोयला माफिया के खिलाफ धनशोधन की जांच के तहत मंगलवार को पश्चिम बंगाल तथा दिल्ली में कई स्थानों पर नये सिरे से छापे मारे। एजेंसी के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ ईडी के दलों ने सुबह करीब साढ़े छह बजे से दिल्ली, कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और पश्चिम बर्द्धमान जिले के अन्य हिस्सों में परिसरों की तलाशी लेनी शुरू की।
जिन स्थानों की तलाशी ली गई, उनमें आसनसोल स्थित बुदबुद पुलिस थाने के नवनियुक्त प्रभारी अधिकारी (ओसी) मनोरंजन मंडल का आवास भी शामिल है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''ये तलाशी अभियान अवैध रेत और कोयले के व्यापार मामले की जांच से जुड़े हैं।'' मंडल को पिछले साल भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया था और उस वक्त वह बाराबनी पुलिस थाने में तैनात थे। बाद में उन्हें आसनसोल पुलिस विशेष शाखा से संबद्ध कर दिया गया था। अभी तक उन्होंने बुदबुद पुलिस थाने में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
ईडी की कार्रवाई के बाद अब ओसी के रूप में उनकी हालिया तैनाती जांच के दायरे में आ गई है। एजेंसी ने क्षेत्र में रेत और कोयला के कई व्यापारियों के घरों और कार्यालयों की भी तलाशी ली। दुर्गापुर के सेपको इलाके में ईडी ने 'केके मिनरल्स' के मालिक एवं रेत व्यापारी प्रबीर दत्ता के आवास पर और साथ ही उनके भाई अमित दत्ता के आवास पर भी छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि यह कंपनी बांकुरा, पश्चिम और पूर्व बर्द्धमान जिलों में रेत की खदानें संचालित करती है और इसके कार्यालय पानागढ़ में स्थित हैं। पानागढ़ में रेत व्यापारी शेख हासिम मिर्जा बेग, अंडुल के भक्तारनगर क्षेत्र में शेख किरण मंडल और पांडाबेश्वर में कोयला व्यापारी शेख मैजुल के आवासों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।
सूत्रों ने बताया कि कोलकाता और दिल्ली में भी कई स्थानों पर छापेमारी जारी थी। इस मामले में तलाशी का पहला दौर पिछले साल नवंबर में चलाया गया था, जिसके दौरान ईडी ने कहा कि उसने 14 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और सोना जब्त किया था। एजेंसी ने पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकियों का संज्ञान लेते हुए धनशोधन निरोधक कानून के तहत शिकायत दर्ज की। पुलिस की प्राथमिकियों में संकेत दिया गया है कि झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा पर कोयले की अवैध आपूर्ति का एक ''विशाल'' नेटवर्क संचालित हो रहा था।
ईडी ने एक बयान में कहा था कि तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड ने प्राथमिकियों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि की है और स्थानीय अधिकारियों की मदद से संचालित एक संगठित गिरोह की पहचान करने में भी मदद मिली है। उसने दावा किया कि यह गिरोह पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में बहुत सक्रिय है और उसने अपराध से ''काफी'' कमाई की है। यह मामला संघीय जांच एजेंसी द्वारा जांच किए जा रहे एक अन्य कथित कोयला घोटाला मामले से अलग है, जिसमें एजेंसी ने पिछले महीने कोलकाता में राजनीतिक परामर्श कंपनी 'आई-पैक' के परिसर पर छापा मारा था।
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