वाराणसी में कफ सिरप मामले के मुख्य आरोपी की 28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क

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वाराणसी/सोनभद्र (उप्र), शुक्रवार, 23 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश की सोनभद्र जिला पुलिस ने कोडीनयुक्‍त कफ सिरप के अवैध कारोबार मामले में शुक्रवार को प्रमुख आरोपी भोला जायसवाल की वाराणसी स्थित करीब 28 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।  पुलिस के अनुसार, सोनभद्र नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में वाराणसी में तीन अलग-अलग स्थानों पर स्थित संपत्तियों को कुर्क किया गया। आरोपी फिलहाल सोनभद्र जिला कारागार में बंद है।

मिश्रा ने बताया कि वाराणसी के थाना आदमपुर अंतर्गत प्रहलाद घाट कायस्थ टोला निवासी जायसवाल को विदेश भागने की कोशिश के दौरान कोलकाता हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था और गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा की गई विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के लिए एक संगठित सिंडिकेट का संचालन किया, जिससे उसने करीब 28.50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। जांच में संपत्तियों की पहचान के बाद अदालत से अनुमति लेकर कुर्की की कार्रवाई की गई।

सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए बृहस्पतिवार को कुर्की का आदेश जारी किया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद क्षेत्राधिकारी रणधीर कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम वाराणसी में कार्रवाई के लिए अधिकृत की गई।

वर्मा ने कहा कि वाराणसी के जिलाधिकारी के निर्देशानुसार उपजिलाधिकारी पिंडरा, वाराणसी एवं क्षेत्राधिकारी नगर, सोनभद्र के नेतृत्व में आज उक्त कार्यवाही की गई। उन्होंने कहा कि अवैध कफ सिरप कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्यवाही जारी रहेगी। कफ सिरप मामले को लेकर सत्‍ता पक्ष और विपक्षी दलों में जुबानी जंग लगातार जारी है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इसको लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। वहीं, नेता सदन और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा था कि "उत्तर प्रदेश में आज तक नकली दवाओं से मौत का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।''

उन्होंने यह भी कहा था, "उत्तर प्रदेश में कोडीन सिरप से कोई मौत नहीं हुई है। सिरप को अवैध तरीके से अन्य जगहों पर भेजे जाने से संबंधित मामलों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है और राज्य सरकार ने अदालत में सफलतापूर्वक अपना पक्ष रखा है।'' मुख्यमंत्री ने उस समय तक की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए कहा था कि मामले में सरकार ने 79 मामले दर्ज किए हैं, 225 लोग नामजद हैं और 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।  उन्होंने कहा, ''134 फर्म पर छापे मारे गए हैं। इस रैकेट से जुड़े लेन-देन की एसटीएफ जांच कर रही है, और गहराई से जांच होने पर समाजवादी पार्टी के नेताओं या पदाधिकारियों से इसके संबंध सामने आ सकते हैं।''

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