जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र शुरू, सदन ने दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी
श्रीनगर, गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र बृहस्पतिवार को शुरू हुआ और इस दौरान सदन ने हाल में दिवंगत हुए नेताओं को श्रद्धांजलि दी। सत्र शुरू होने से पहले, सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में मौन धरना दिया और आप विधायक मेहराज मलिक की रिहाई की मांग की, जिन्हें सितंबर में डोडा जिले में कथित तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सोनावारी से नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक हिलाल लोन ने मलिक की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। हालांकि, अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने उन्हें अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि वह बाद में उन्हें इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति देंगे। सदस्यों से नौ दिवसीय विधानसभा सत्र का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह करते हुए, राठेर ने कहा, ‘‘हमारे पास सीमित समय है, और हमें इसका अधिकतम इस्तेमाल करने का प्रयास करना चाहिए।’’
राठेर ने कहा कि विधानसभा के तीसरे और चौथे सत्र के बीच कई सदस्यों और नेताओं का निधन हो गया और सदन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। सत्र की शुरुआत में पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रह चुके सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी, जिनका निधन पांच अगस्त को हो गया था। जिन अन्य दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गयी उनमें पूर्व मंत्री गुलचैन सिंह चाड़क, पूर्व विधायक दीना नाथ भगत, पूर्व विधान परिषद सदस्य गुलाम नबी शाहीन, रमेश अरोड़ा और सरदार मोहम्मद अखलाक खान, तथा पूर्व विधायक मोहम्मद सुल्तान पंडितपुरी शामिल थे।
दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए, विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात पर नाराजगी जतायी कि कई जिलों के उपायुक्तों ने उन पूर्व विधायकों के बारे में जानकारी मांगने पर कोई जवाब नहीं दिया जिनका दो सत्रों के बीच की अवधि में निधन हो गया था। उन्होंने इस बात पर भी असंतोष व्यक्त किया कि कुपवाड़ा के उपायुक्त ने अनुरोध का जवाब देते हुए कहा कि किसी का निधन नहीं हुआ है जबकि जिले के लेंगेट से पूर्व विधायक पंडितपुरी का मई में निधन हो गया था। शुक्रवार को सदन जम्मू-कश्मीर से चार राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान करेगा। ये सीटें 2021 से खाली हैं ।
मौजूदा विधानसभा में संख्याबल को देखते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन उम्मीदवारों के आसानी से जीत हासिल करने की उम्मीद है, जबकि चौथी सीट के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता सतपाल शर्मा और नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रवक्ता इमरान नबी डार के बीच कड़ा मुकाबला होगा। डार को न केवल अपनी पार्टी के सदस्यों, बल्कि विपक्षी पीडीपी, अवामी इत्तेहाद पार्टी और आप के समर्थन की भी आवश्यकता होगी। सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि राज्य का दर्जा बहाल करने, आरक्षण नीति और हजारों दिहाड़ी मजदूरों के नियमितीकरण जैसे मसले सदन की कार्यवाही में छाए रहेंगे।
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