नीट के आयोजन में प्रौद्योगिकी और एआई का इस्तेमाल किया गया होता तो यह स्थिति पैदा न होती: पवार

img

पुणे, शनिवार, 06 जून 2026। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातम (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि यदि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग किया गया होता, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। पवार ने विद्या प्रतिष्ठान के अंतर्गत शरदचंद्र पवार कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र की 'टेक्नोलॉजी ऑन व्हील्स' पहल की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम में यह बात कही। यह पहल सकाल मीडिया समूह के सहयोग से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नयी प्रौद्योगिकी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है।

पवार से पूछा गया कि अगर प्रौद्योगिकी, विशेषकर एआई का इस्तेमाल किया गया होता तो क्या नीट घोटाला रोका जा सकता था, इसपर उन्होंने कहा, "यदि यह पहले किया गया होता, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।" उन्होंने किसी का नाम लिये बिना कहा, ''जिस व्यक्ति को अब राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है, वह पहले मेरे साथ काम कर चुका है। वह बेहद ईमानदार और अत्यंत सक्षम अधिकारी है। उसके काम के नतीजे अगले दो महीने में दिखने लगेंगे।"

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को नीट-यूजी परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। मामले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है, जिसने अबतक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इक्कीस जून को दोबारा परीक्षा होनी है। केंद्र सरकार ने विवाद के बाद एनटीए में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की है। भारतीय सांख्यिकी सेवा की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को पांच वर्ष के लिए एनटीए में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement