वोंग की यात्रा के दौरान पांच समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे भारत, सिंगापुर

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नई दिल्ली, मंगलवार, 02 सितंबर 2025। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की मंगलवार से शुरू हो रही नयी दिल्ली की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और सिंगापुर के बीच नौवहन, नागरिक उड्डयन और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देने के लिए पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के रूप में वोंग की पहली भारत यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की संभावनाएं तलाशना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वोंग बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र में एक कंटेनर टर्मिनल का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन करेंगे। ‘पोर्ट ऑफ सिंगापुर अथॉरिटी’ (पीएसए इंटरनेशनल) ने इस परियोजना में एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है। 

दोनों नेताओं द्वारा व्यापक बातचीत के बाद बंदरगाह परियोजना को समर्पित किये जाने की उम्मीद है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सिंगापुर भारत में निवेश का एक प्रमुख स्रोत है, जिसका 2014 से संचयी निवेश 175 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें कोविड-19 के बाद की अवधि में 60 अरब अमेरिकी डॉलर शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को वोंग की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘सिंगापुर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है, जिसमें हमारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति भी शामिल है।’’ उसने कहा कि भारत-सिंगापुर राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही वोंग की यात्रा दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की निरंतर प्रतिबद्धता की ‘‘पुष्टि’’ करती है। उसने कहा, ‘‘यह यात्रा दोनों प्रधानमंत्रियों को हमारे मजबूत और बहुआयामी सहयोग की समीक्षा करने और भविष्य के सहयोग का मार्ग निर्धारित करने का अवसर प्रदान करेगी।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों प्रधानमंत्री आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। वोंग के साथ उनकी पत्नी और कैबिनेट मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों सहित एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा। प्रधानमंत्री वोंग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर और कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों का भी वोंग से मुलाकात करने का कार्यक्रम है।

पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान भारत-सिंगापुर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया था। सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष पानी के नीचे बिछाई गई केबल के जरिए भारत से सिंगापुर तक सौर ऊर्जा निर्यात करने की संभावना पर विचार कर रहे हैं, जिसका उपयोग डेटा कनेक्टिविटी के लिए भी किया जा सकता है। प्रस्तावित परियोजना पर किए गए व्यवहार्यता अध्ययन से पता चला है कि अंडमान क्षेत्र को देखते हुए केबल बिछाने में कुछ चुनौतियां हैं। सूत्रों ने बताया कि डेटा कनेक्टिविटी के प्रस्ताव के तहत, दोनों पक्षों ने गुजरात के गिफ्ट सिटी में एक वित्तीय डेटा नियामक ‘‘सैंडबॉक्स’’ बनाया है।

भारत से सिंगापुर को हरित अमोनिया और हरित हाइड्रोजन का निर्यात एक अन्य प्रस्ताव है जिस पर दोनों पक्ष विचार कर रहे हैं। वोंग की यात्रा से पहले भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) ने यात्रा की तैयारियां कीं। आईएसएमआर 13 अगस्त को नयी दिल्ली में आयोजित हुआ। विदेश मंत्री जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिंगापुर के छह मंत्रियों के साथ आईएसएमआर वार्ता की। सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप प्रधानमंत्री एवं व्यापार एवं उद्योग मंत्री गान किम योंग ने किया था। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं गृह मंत्री के षणमुगम, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्री जोसेफिन तेओ, जनशक्ति मंत्री तान सी लेंग और कार्यवाहक परिवहन मंत्री जेफरी सिओ शामिल थे।

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