लातूर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त; स्कूलों में छुट्टी घोषित, राहत एवं बचाव कार्य जारी
लातूर, शुक्रवार, 29 अगस्त 2025। महाराष्ट्र के लातूर जिले में हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिसके चलते प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र में स्थित लातूर जिले के 60 राजस्व मंडलों में से 29 में बृहस्पतिवार रात तक अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, लगभग 50 सड़कें और पुलों को बंद कर दिया गया है, क्योंकि इन संरचनाओं के ऊपर से पानी बहने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा 29 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद, जिला कलेक्टर एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष वर्षा ठाकुर घुगे ने पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश की घोषणा की है। शिरूर अनंतपाल और अहमदपुर तालुकों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे 10 लोगों को आपदा प्रबंधन दलों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। अहमदपुर में सेना की एक टीम भी पहुंच चुकी है।
शिरूर अनंतपाल में एक नदी के किनारे स्थित शेड में फंसे पांच लोगों और घारणी नदी पर पुल निर्माण कार्य के दौरान फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया। अहमदपुर के कालेगांव में एक जलाशय में फंसे एक व्यक्ति को भी बाहर निकाला गया। मकनी गांव में एक व्यक्ति बाढ़ के पानी से भरे पुल को पार करते समय बह गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे सुरक्षित बचा लिया। उसे शिरूर ताजबंद स्थित साईकृपा अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। राज्य महामार्ग क्रमांक 238 के निलंगा-उदगीर-धनेगांव मार्ग को पानी भरने के कारण बंद कर दिया गया है। वहीं, मंजऱा नदी पर बना पुल डूब जाने से निलंगा-उदगीर मार्ग भी बंद है।
टगर्खेड़ा को औराड से जोड़ने वाले दो मार्ग भी पानी के कारण अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे वाहन चालकों को हल्से-तांबरवाड़ी-हालगारा मार्ग से बीदर रोड की ओर घूमकर जाना पड़ रहा है। निलंगा तालुका के शेलगी गांव में बृहस्पतिवार आधी रात आकाशीय बिजली गिरने से पांच मवेशियों की मौत हो गई। चाकूर तहसील स्थित बीएसएफ शिविर परिसर में बने केंद्रीय विद्यालय में पानी भरने के कारण फंसे 679 छात्रों और 40 शिक्षकों को बीएसएफ जवानों ने बृहस्पतिवार शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पड़ोसी जिले नांदेड़ में भी भारी बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, लातूर और नांदेड़ जिलों में 2,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
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