'थिएटर' कमान के लक्ष्य के मुताबिक तालमेल बढ़ाने के लिए नौसेना प्रतिबद्ध : एडमिरल त्रिपाठी

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महू (मध्यप्रदेश), बुधवार, 27 अगस्त 2025। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बुधवार को कहा कि नौसेना एकीकृत 'थिएटर' कमान के लक्ष्य के अनुरूप देश की थल सेना और वायु सेना के साथ अपनी कमान और नियंत्रण, संचार और युद्ध क्षमताओं का तालमेल बैठाने के लिए प्रतिबद्ध है। त्रिपाठी ने महू सैन्य छावनी के आर्मी वॉर कॉलेज में तीनों सेनाओं की संयुक्त संगोष्ठी 'रण संवाद 2025' में यह टिप्पणी की।

नौसेना प्रमुख की यह टिप्पणी एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के उस बयान के अगले दिन आई है, जिसमें उन्होंने एकीकृत 'थिएटर' कमान शुरू करने की योजना पर जल्दबाजी में आगे बढ़ने के प्रति आगाह किया था और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली में शीर्ष सैन्य अधिकारियों वाला एक संयुक्त योजना और समन्वय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था। नौसेना प्रमुख त्रिपाठी ने 'रण संवाद 2025' के दूसरे और अंतिम दिन कहा, "हम भारतीय थल सेना और वायु सेना के साथ अपनी कमान और नियंत्रण, संचार और युद्ध क्षमताओं का तालमेल बैठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने कहा कि नौसेना 'थिएटर' कमान की योजना के मुताबिक, एकीकृत योजना, साझा परिदृश्य और एकीकृत संचालन के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, "चूंकि एकीकरण मानवीय स्तर पर शुरू होता है, इसलिए हमने सभी स्तरों पर बातचीत और पारस्परिक संपर्क को अधिकतम करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इसलिए मेरे साथ थलसेना का एक एडीसी (उच्च पदस्थ अधिकारी का निजी सहायक या सचिव) है और मेरे मित्र वायु सेना प्रमुख के साथ (एडीसी के रूप में) नौसेना का एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट है।" नौसेना प्रमुख ने यह टिप्पणी प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल सिंह और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में की।

सरकार ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए 2019 में एकीकृत 'थिएटर' कमान की योजना पेश की थी। इस योजना को लागू करने का दायित्व सीडीएस को सौंपा था। योजना के कार्यान्वयन में कोई स्पष्ट प्रगति नहीं हुई है। योजना के तहत सरकार थलसेना, वायुसेना और नौसेना की क्षमताओं को एकीकृत करना चाहती है और युद्धों तथा सैन्य अभियानों के लिए उनके संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना चाहती है। योजना के अनुसार प्रत्येक ‘थिएटर’ कमान में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की इकाइयां होंगी और ये सभी इकाइयां किसी तय भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए एकीकृत दस्ते के रूप में काम करेंगी। वर्तमान में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की अलग-अलग कमान हैं।

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