किसानों के सुझाव और मांग के लिए न्यायालय के दरवाजे हमेशा खुले हैं : उच्चतम न्यायालय
नई दिल्ली, बुधवार, 18 दिसम्बर 2024। पंजाब सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और अन्य किसानों के साथ लगातार विस्तृत बैठकें की गईं, लेकिन उन्होंने शीर्ष अदालत द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ को पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने सूचित किया कि समिति ने उन्हें 17 दिसंबर को आमंत्रित किया था, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने उनसे बात नहीं की। सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिदिन किसानों को मनाने का प्रयास कर रही है और उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें अपनी मांगों को सीधे अदालत में रखने की अनुमति दी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट करते हैं कि किसानों द्वारा सीधे या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से दिए गए किसी भी सुझाव या मांग के लिए अदालत के दरवाजे हमेशा खुले हैं।’’ उच्चतम न्यायालय ने डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति का भी संज्ञान लिया और पंजाब सरकार को बिना देरी किए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
Similar Post
-
भारत में लोकतंत्र मजबूत, दुनिया इससे लाभ उठा सकती है : बिरला
नई दिल्ली, गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ...
-
मैसूरु दशहरा पूजा के दौरान मंत्रियों को प्रवेश से रोकने के मामले में शिवकुमार ने जांच के आदेश दिए
बेंगलुरु, गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी क ...
-
तमिलनाडु में भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव, बांधों में जलस्तर बढ़ा
चेन्नई, गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026। उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय ...
