लालू-राबड़ी की दो पुत्री लड़ेगी लोकसभा का चुनाव

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पटना, बुधवार, 10 अप्रैल 2024। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की दो पुत्रियां मीसा भारती और रोहिणी आर्चाया इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है। राज्यसभा सांसद मीसा भारती पाटलिपुत्रा संसदीय सीट जबकि रोहिणी आचार्य सारण संसदीय सीट से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रही है। मीसा भारती ने इससे पूर्व वर्ष 2014 और वर्ष 2019 में भी राजद के टिकट पर पाटलिपुत्रा सीट से पर किस्मत आजमायी थी ,लेकिन दोनों बार उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार राम कृपाल यादव ने शिकस्त दी थी। मीसा भारती तीसरी बार पाटलिपुत्रा सीट से अपना भाग्य आजमां रही है, जहां इस बार भी उनका मुकाबला भाजपा के वर्तमान सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री राम कृपाल यादव से होगा।

रोहिणी आर्चाया, सारण संसदीय सीट से राजनीति में शुरूआत कर रही है। सारण संसदीय सीट श्री लालू यादव के परिवार के लिए परंपरागत सीट मानी जाती रही है। इस सीट से वह सर्वाधिक चार बार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे, तो उन्हें यहां से हार का सामना भी करना पड़ा है। वर्ष 2008 में परिसीमन से पूर्व सारण सीट ,छपरा के नाम से जानी जाती थी। वर्ष 1977 में श्री लालू प्रसाद यादव पहली बार जनता पार्टी की लहर में छपरा लोकसभा सीट से भारतीय लोक दल (बीएलडी) के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 1989, 2004 में वह छपरा से चुनाव जीते।

2008 में परिसीमन के बाद छपरा सीट सारण बन गयी। वर्ष 2009 के चुनाव में श्री यादव ने भाजपा उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी को पराजित कर जीत का परचम लहराया। चारा घोटाले में सजा होने से श्री यादव की लोकसभा की सदस्यता छिन जाने के बाद वर्ष 2014 में उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सारण सीट से चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी से परास्त होना पड़ा।इसके बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय, ने सारण संसदीय सीट से चुनाव लड़ा, जिन्हें भाजपा उम्मीदवार श्री रूडी ने पराजित कर दिया। इस बार के चुनाव में सारण संसदीय सीट पर रोहिणी आचार्य का मुकाबला भाजपा के वर्तमान सांसद पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी से है।रोहिणी आचार्य के कंधे पर सारण सीट को जीतने की चुनौती है जहां से पिता पहली बार सांसद चुने गए थे।

सारण और पाटलिपुत्र सीट का चुनाव एक सीट भर की बात नहीं है बल्कि इसे (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की प्रतिष्ठा से जोड़कर भी देखा जा रहा है।मीसा भारती और रोहिनी आचार्या के कंधे पर लालू प्रसाद यादव के सियासी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है, हालांकि मीसा भारती और रोहिणी आचार्या इसमें कितना सफल हो पाती हैं यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता चल पायेगा।

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