किसान से लेकर जवान तक आईएमडी ने हर किसी की जिंदगी को छुआ : धनखड़

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नई दिल्ली, सोमवार, 15 जनवरी 2024। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने चक्रवात जैसी मौसमी घटनाओं की समय रहते जानकारी देने के लिए सोमवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे गहरे समुद्र में लोगों की जान बचाने और जहाजों को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिली। आईएमडी की 150वीं वर्षगांठ पर एक साल तक चलने वाले जश्न समारोह की शुरुआत करते हुए धनखड़ ने कहा कि ऐसा वक्त भी था जब वैज्ञानिक प्रगति के अभाव में मौसम विभाग द्वारा जारी की जाने वाली बारिश की भविष्यवाणी गलत साबित होती थी लेकिन अब ‘‘कुछ ही सेकंड’’ में सटीक भविष्यवाणियां की जाती है। उन्होंने कहा कि आईएमडी का असर महज मौसम की भविष्यवाणी से आगे निकल गया है और वह एक सुरक्षा जाल के रूप में उभरा है जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर रहा है और नागरिकों को प्रकृति के प्रकोप से बचा रहा है।

धनखड़ ने कहा, ‘‘कृषि और स्वास्थ्य देखभाल से लेकर विमानन और ऊर्जा तक इसका प्रभाव सर्वव्यापी है, यह खेत जोत रहे किसान से लेकर हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों तक प्रत्येक नागरिक की जिंदगियों को छू रहा है।’’ उपराष्ट्रपति ने आईएमडी के मोबाइल ऐप ‘मौसम’ की भी शुरुआत की जिसमें मौसम कार्यालय द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाओं को एकीकृत किया गया है। साथ ही उन्होंने पंचायत मौसम सेवा, निर्णय सहयोग प्रणाली और जलवायु सेवाओं के लिए राष्ट्रीय रूपरेखा जैसी नयी पहल भी शुरू की। इस समारोह में पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू, पृथ्वी विज्ञान सचिव एम. रविचंद्रन, आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र, मंत्रालय के पूर्व सचिव और आईएमडी के पूर्व महानिदेशक भी शामिल हुए।

धनखड़ ने मौसम विभाग की चक्रवात निगरानी सेवाओं के संदर्भ में कहा, ‘‘मैं आईएमडी और तटरक्षक, नौसेना, वायु सेना द्वारा उपलब्ध करायी सूचना देख सकता हूं कि आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि गहरे समुद्र में किसी की मौत न हो, जहाजों को कोई नुकसान न हो और तटीय इलाकों में कोई बाधा न हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक वक्त था जब आईएमडी बहुत कम वैज्ञानिक प्रगति के अभाव में बारिश की भविष्यवाणी करता था और बारिश होती नहीं थी। अब कुछ सेकंड में सटीक भविष्यवाणियां की जाती हैं। हमें अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है।’’

धनखड़ राज्यसभा के सभापति भी हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब आईएमडी संसद के दोनों सदनों में पीठासीन अधिकारियों के लिए मौसमी परिस्थितियों की भविष्यवाणी कर सकेगा। इससे पहले, पृथ्वी विज्ञान मंत्री रीजीजू ने कहा कि आईएमडी ने पश्चिम हिमालयी क्षेत्र में 10 डॉपलर मौसम रडार लगाए गए हैं और बादल फटने के बेहतर पूर्वानुमान के लिए पूर्वी हिमालयी क्षेत्र में 11 डॉपलर रडार लगाने की योजना है।

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