मायावती ने बजट को बताया “अति दुखद”, कहा “देश का गरीब आज भी अपने अमृतकाल को तरस रहा”

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नई दिल्ली, बुधवार, 01 फ़रवरी 2023। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो और उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार के केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रया दी है. उन्होंने इस बजट को अति दुखद बताया है. सिलसिलेवार किये गये ट्वीट में मायावती ने कहा हैं की “देश में पहले की तरह पिछले 9 वर्षों में भी केन्द्र सरकार के बजट आते-जाते रहे जिसमें घोषणाओं, वादों, दावों व उम्मीदों की बरसात की जाती रही, किन्तु वे सब बेमानी हो गए जब भारत का मिडिल क्लास महंगाई, गरीबी व बेरोजगारी आदि की मार के कारण लोवर मिडिल क्लास बन गया, अति-दुखद।”

उन्होंने कहा की ” इस वर्ष का बजट भी कोई ज्यादा अलग नहीं। पिछले साल की कमियाँ कोई सरकार नहीं बताती और नए वादों की फिर से झड़ी लगा देती है जबकि जमीनी हकीकत में 100 करोड़ से अधिक जनता का जीवन वैसेे ही दाव पर लगा रहता है जैसे पहले था। लोग उम्मीदों के सहारे जीते हैं, लेकिन झूठी उम्मीदें क्यों?” मायावती ने कहा की “सरकार की संकीर्ण नीतियों व गलत सोच का सर्वाधिक दुष्प्रभाव उन करोड़ों गरीबों किसानों व अन्य मेहनतकश लोगों के जीवन पर पड़ता है जो ग्रामीण भारत से जुड़े हैं और असली भारत कहलाते हैं। सरकार उनके आत्म-सम्मान व आत्मनिर्भरता पर ध्यान दे ताकि आमजन की जेब भरे व देश विकसित हो।”

सरकार को उसकी प्राथमिकता याद दिलाते हुए मायावती ने कहा की “केन्द्र जब भी योजना लाभार्थियों के आँकड़ों की बात करे तो उसे जरूर याद रखना चाहिए कि भारत लगभग 130 करोड़ गरीबों, मजदूरों, वंचितों, किसानों आदि का विशाल देश है जो अपने अमृतकाल को तरस रहे हैं। उनके लिए बातें ज्यादा हैं। बजट पार्टी से ज्यादा देश के लिए हो तो बेहतर।” बता दे की जहां बीजेपी इस बजट को विकासवादी और समावेशी बता रही हैं तो दूसरी तरफ विपक्ष ने बजट के बहाने मोदी सरकार पर निशाना साधा हैं।

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