एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का मौका, ऐसे करें आवेदन

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भारतीय वायुसेना में अफसर बनने का सपना हर युवा को होता है. इसके लिए बहुत मेहनत करनी होती है. भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर देश की सेवा में बहुत योगदान देते हैं. इसके लिए UPSC NDA, UPSC CDS और AFCAT के माध्यम से आवेदन करना होता है. इच्छुक कैंडिडेट्स AFCAT के माध्यम से फ्लाइंग ब्रांच में शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत आवेदन कर सकते हैं. यह शॉर्ट सर्विस कमीशन बिना किसी विस्तार के 14 वर्ष के लिए होता है. ग्रेजुएट/इंजीनियर के तौर पर उम्मीदवार वायु सेना अकादमी के माध्यम से फ्लाइंग ब्रांच में कदम रख सकते हैं. इसमें शॉर्टलिस्ट किए गए सभी कैंडिडेट्स फाइटर पायलट या हेलीकॉप्टर पायलट या ट्रांसपोर्ट पायलट के तौर पर अपने करियर का आरम्भ करते हैं. AFCAT परीक्षा पूरे भारत के सभी प्रमुख शहरों में वर्ष में दो बार आयोजित करवाई जाती है.

आयु सीमा:-
इसमें आवेदन करने के लिए किसी भी उम्मीदवार की उम्र 20 से 24 साल होनी चाहिए. डीजीसीए द्वारा जारी वैध और वर्तमान कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए अधिकत आयु सीमा में 26 साल तक की छूट दी गई है. साथ ही कैंडिडेट्स की भारतीय नागरिकता और बिना शादी-शुदा होना चाहिए.

योग्यता:-

  • 10+2 में मैथ्स एवं फिजिक्स में प्रत्येक में कम से कम 50 प्रतिशत मार्क्स होने चाहिए.
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 60 प्रतिशत मार्क्स के साथ किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना ज़रूरी है.
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 60 प्रतिशत मार्क्स या फिर इंस्टीट्यूट इंजीनियर्स (इंडिया) या एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की एसोसिएट सदस्यता की सेक्शन ए और बी परीक्षा पास करनी होगी.
  • अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं. किन्तु उनके पास AFSB परीक्षण के समय कोई बैकलॉग न हो और विज्ञापन में निर्धारित दिनांक के मुताबिक विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री प्रमाण पत्र देना होगा.

वेतनमान:- 

  • वेतन की बात करें तो सातवें वेतन आयोग के अनुसार, एक फ्लाइंग ऑफिसर को लगभग 56100 से लेकर 177500 रुपये महीना तक की वेतन दिया जाता है. इसके बाद जैसे-जैसे वायु सेना में रैंक और कद बढ़ते हैं, वेतन में भी बढ़ोतरी होती रहेगी.

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