जैविक खेती के क्रियान्वयन में प्रगतिशील और युवा किसानों को शामिल किया जाये- कृषि मंत्री

img

जयपुर, बुधवार, 06 जुलाई 2022। कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने निर्देश दिये कि जैविक खेती के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार में अधिक से अधिक प्रगतिशील और युवा किसानों को शामिल किया जाये इससे उनको कृषि ज्ञान तो मिलेगा ही साथ ही वे अपना व्यवहारिक ज्ञान भी अधिकारियों के साथ साझा कर सकेंगे। श्री कटारिया ने यह निर्देश बुधवार को राज्य कृषि बजट की समीक्षा बैठक के दौरान दिये। कृषि मंत्री ने कहा कि काश्तकारों के खेतों में बिछायी जाने वाली पाईप लाईनों की क्वालिटी उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्सपर्ट की राय लेकर इन पाईप लाईनों को जमीन के भीतर डालने की अपेक्षा जमीन के ऊपर बिछाने की व्यवस्था करनी चाहिए इससे किसानों को पाईप में होने वाले लीकेज का पता जल्द चल जायेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि किसानों के खेतों में बनने वाले फार्म पौण्ड पर सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की जाये। इसके लिए हर पौण्ड पर मजबूत रस्सी या चेन दो-तीन स्थानों पर लगाई जाये। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान जल संरक्षण को लेकर काफी जागरूक हो गये हैं और फार्म पौण्ड में विशेष रूचि ले रहे हैं।

बैठक में श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम काश्तकारों के खेतों में ही हो तो इसका ज्यादा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में हो रहे कृषि के उत्तम नवाचारों के अध्ययन के लिए कृषि अधिकारियों को वहां भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि भूमिहीन किसानों के लिए अनुदानित हस्तचलित कृषि यंत्रों को जी.एस.एस. में रखा जाये। कृषि मंत्री ने निर्देश दिये कि किसानों को मिलने वाले बीज एवं खाद की व्यवस्था उत्तम होनी चाहिए तथा यूरिया एवं डी.ए.पी. का आवश्यक स्टॉक बनाये रखना सुनिश्चित किया जाये। 

समीक्षा बैठक में कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री दिनेश कुमार ने बताया कि राज्य में डी.ए.पी., यूरिया एवं एस.एस.पी. फर्टिलाइजर का स्टॉक प्रचुर मात्रा में है। राज्य में बुआई की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 164.17 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल के लक्ष्य के विपरित अब तक 66.05 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई हो चुकी है। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि कृषि बजट से सम्बन्धित 9 विभागों की योजनाओं की जानकारी सभी जिला मुख्यालयों पर आमुखीकरण कार्यशालाओं के आयोजन में सांसदों, विधायकों, जिला प्रमुखों व प्रगतिशील कृषकों को दी गई। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर भी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमें जन प्रतिनिधियों के साथ काश्तकार भी हिस्सा ले रहे हैं।

कृषि आयुक्त श्री कानाराम ने खरीफ पूर्व तैयारी की स्थिति, बजट घोषणाओं का संक्षिप्त विवरण, कृषि बजट वर्ष 2022-23 की प्रगति तथा बजट वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की प्रगतिरथ घोषणाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने इस वर्ष लगभग 25 लाख किसानों को निःशुल्क बीज देने का लक्ष्य रखा है जिसमें अब तक 15 लाख मिनिकिट्स वितरित किये जा चुके हैं। उद्यान विभाग के आयुक्त श्री चेतन देवड़ा ने बताया कि 15 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में फलों के बगीचों की स्थापना का लक्ष्य है। वर्ष 2022-23 में 7 हजार 500 हैक्टेयर क्षेत्रफल में फलों के बगीचों की स्थापना की जायेगी जिसके लिए वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त हो गई है तथा दिशा-निर्देश जारी कर कार्य आरंभ हो गया है। वर्ष 2022-23 में 1 हजार 500 हैक्टेयर क्षेत्रफल में मसाला बगीचा स्थापना का लक्ष्य है जिसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।  

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement