चीनी जासूसों और उन्हें शरण देने वालों की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ ने जांच शुरू की

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नोएडा, मंगलवार, 28 जून 2022। चीनी जासूसों और उन्हें शरण देने वालों की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े इस मामले की जांच शुरू कर दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के अधीक्षक कुलदीप नारायण ने बताया कि यूपी पुलिस के महानिदेशक देवेंद्र सिंह चौहान के आदेश पर एसटीएफ ने सोमवार रात इस मामले की जांच अपने हाथों में ले ली। उन्होंने बताया कि एसटीएफ ने मंगलवार सुबह मामले से जुड़े सभी दस्तावेज हासिल कर लिए और विशेष टीम बनाकर जांच में जुट गई।

नारायण के मुताबिक, एसटीएफ के अधिकारी सोमवार को गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि चीनी जासूसों को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार घरबरा गांव स्थित गेस्ट हाउस के मालिक रवि नटवरलाल ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। नारायण के अनुसार, आरोपी ने बताया है कि नियम के तहत भारत में कारोबार करने वाली चीनी कंपनी में भारतीय निदेशक की नियुक्ति अनिवार्य है और इसका लाभ उठाने के लिए रवि ने कई कंपनियां तैयार कर ली थीं, जिनके नाम पर वह मोबाइल से जुड़े कल-पुर्जे व अन्य सामान की खरीद-फरोख्त करता था। नारायण ने बताया कि आरोपी आयात कर की चोरी करके राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रहा था और पूछताछ में उसने दो चीनी नागरिकों के नाम उगले हैं, जिन्हें पुलिस ढूंढ रही है।

अधिकारी के मुताबिक, इनमें घरबरा स्थित गेस्ट हाउस के साथ करार करने वाला जॉनसन और उसका साथी बिन शामिल है। रवि से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसके तीन साथियों को सोमवार को गिरफ्तार किया था। अधिकारी के अनुसार, मामले में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में एक दरोगा सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। भारत में अवैध रूप से रहने में चीनी नागरिकों की मदद करने के मामले में पुलिस ने सोमवार को रवि नटवरलाल ठक्कर को गिरफ्तार किया था। बाद में उससे पूछताछ के आधार पर तीन अन्य सहयोगियों-पुष्पेंद्र, हैलूंग नेइले नेवमे उर्फ एलन और प्रदीप को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच में पता चला है कि रवि नटवरलाल ठक्कर हवाला समेत कई अन्य मामलों में वांछित था।

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी रवि को दिल्ली से पकड़कर बीटा-2 थाने लाए जाने के बाद सोमवार से ही आईबी, एसटीएफ, जीएसटी सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी वहां पहुंचने लगे और उससे सघन पूछताछ में जुट गए। पुलिस के अनुसार, 11 जून को बिहार में भारत-नेपाल सीमा से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने दो चीनी नागरिकों-लू लैंग और यूं हेलंग को जासूसी के शक में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों के ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसाइटी जेपी ग्रींस के एक फ्लैट में रहने वाले चीनी नागरिक जू फाई उर्फ कैरी के पास रुकने की बात सामने आई थी।

पुलिस ने मामले की जांच कर जू फाई और उसकी महिला मित्र पटेखे रेनुओ को गुरुग्राम के एक होटल से गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के दौरान घरबरा के गेस्ट हाउस में अवैध रूप से चल रहे पब और कसीनो का खुलासा हुआ था। पुलिस चीन के नागरिकों के मददगार रवि नटवरलाल की तलाश में जुटी थी। अधिकारियों ने उसके फ्लैट में भी दबिश देकर वहां से बीएमडब्ल्यू कार, पांच करोड़ का कैंसिल चेक आदि बरामद किया था। पुलिस पूरे मामले का सूत्रधार रवि नटवरलाल को मान रही थी। शनिवार को उसके नाम का लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।

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