महान गायक-संगीतकार का निधन

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  • PM मोदी समेत कई नेताओं ने जताया शोक, पूरे राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

भुवनेश्वर, सोमवार, 18 अप्रैल 2022। जाने माने उड़िया गायक एवं संगीतकार प्रफुल्ल कार का बढ़ती आयु संबंधी बीमारियों के कारण यहां उनके आवास पर निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कार के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रफुल्ल कार के परिवार में उनकी पत्नी मनोरमा, बेटे महादीप एवं महाप्रसाद और बेटी संध्यादीपा हैं। उनके सीने में रविवार रात भोजन करने के बाद दर्द हुआ था और इसके कुछ ही देर बाद उनका उनके सत्य नगर आवास में निधन हो गया। प्रफुल्ल कार ने जब अंतिम सांस ली, उस समय उनके परिजन उनके साथ थे। कार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ पुरी स्थित स्वर्ग द्वार श्मशान घाट में सोमवार को किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘प्रफुल्ल कार जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें उड़िया संस्कृति और संगीत में अग्रणी योगदान के लिए याद किया जाएगा। उनका व्यक्तित्व बहुमुखी था और उनकी रचनात्मकता उनके कार्यों में परिलक्षित होती थी। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ओम शांति।’’ पटनायक ने घोषणा की कि कार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री एस आर दास और कानून मंत्री प्रताप जेना को अंतिम संस्कार में शामिल होने को कहा। कार को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए। कार का जन्म 16 फरवरी, 1939 को पुरी में हुआ था। वह एक जाने-माने संगीतकार, गायक, गीतकार, लेखक और स्तंभकार थे। उन्होंने ‘कमला देशा राजकुमारा’ समेत कई लोकप्रिय गीत दिए। 

कार को प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से 2015 में नवाजा गया था। उन्हें 2004 में जयदेव पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने आठ बार राज्य फिल्म पुरस्कार अपने नाम किया, जिसमें से छह बार उन्हें लगातार इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार को ऐसे विशिष्ट संगीतकार होने का गौरव प्राप्त है, जिन्होंने उड़िया भागवत और उड़िया छंद का दुर्लभ संग्रह रिकॉर्ड किया था। उनके द्वारा निर्देशित भक्ति संगीत एल्बम ‘प्रभुकृपा’ के 10 लाख से अधिक कैसेट बिके थे। उनकी संगीत रचना ‘गीत गोविंदम का संग्रह’ भी बहुत लोकप्रिय हुआ था। उषा मंगेशकर, कविता कृष्णमूर्ति, सुरेश वाडेकर, मोहम्मद अजीज, किशोर कुमार, अमित कुमार, वाणी जयराम, एस जानकी, चित्रा, येसुदास और एस पी बालसुब्रमण्यम जैसे कई स्थापित गायकों ने उनके निर्देशन में उड़िया गीतों के लिए अपनी आवाज दी थी।

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