एचएएल ने बीईएल के साथ 2400 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

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बेंगलुरु, गुरुवार, 16 दिसम्बर 2021। स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने गुरुवार को यहां एलसीए तेजस एमके1ए कार्यक्रम के लिए 20 प्रकार की प्रणालियों के विकास और आपूर्ति हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ 2400 करोड़ रुपए के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। एचएएल और बीईएल के बीच 2023 से 2028 तक यानी पांच साल के लिए 2,400 करोड़ रुपये के अनुबंध पर करार हुआ है और इसमें महत्वपूर्ण एवियोनिक्स लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स (एलआरयू), फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर और नाइट फ्लाइंग एलआरयू की आपूर्ति शामिल है।

यह अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है, जो एचएएल ने "आत्मनिर्भर भारत" अभियान को बढ़ावा देने वाली भारतीय कंपनी को दिया है। एचएएल के सीएमडी आर माधवन ने कहा, "एलसीए तेजस कार्यक्रम एचएएल, अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और बीईएल जैसे भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। तेजस एमके1ए के लिए 20 तरह के महत्वपूर्ण एवियोनिक्स एलआरयू के विकास और आपूर्ति के लिए मौजूदा ऑर्डर "मेक इन इंडिया" गतिविधि हेतु "शॉट-इन-द-आर्म" है।

बीईएल के सीएमडी आनंदी रामलिंगम ने कहा, "हम प्रतिष्ठित एलसीए तेजस कार्यक्रम के लिए एचएएल से आर्डर मिलने से खुश हैं और एचएएल के साथ निरंतर मजबूत साझेदारी और संयुक्त सफलता की आशा करते हैं।" उन्होंने कहा 83 तेजस एमके1ए लड़ाकू बेड़े के लिए इन प्रणालियों की आपूर्ति के आदेश को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के दो डिवीजनों बेंगलुरु और पंचकुला (हरियाणा) द्वारा निष्पादित किया जाएगा। बीईएल सीएमडी ने कहा भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को 83 तेजस एमके1ए की आपूर्ति वित्त वर्ष 2023-24 से शुरू होगी। स्वदेशी लड़ाकू विमान को स्वदेशी उड़ान नियंत्रण कंप्यूटर, एयर डेटा कंप्यूटर से लैस किया जाना है, जिसकी आपूर्ति भी इस अनुबंध के तहत बीईएल द्वारा की जाएगी।

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