गंगा की सफाई को लेकर NGT की तल्ख टिप्पणी, कहा- जवाबदेही तय करने का समय

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नई दिल्ली, मंगलवार, 30 नवम्बर 2021। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कहा कि पिछले 36 वर्षों से निगरानी के बावजूद गंगा की सफाई चुनौती बनी हुई है और अब समय आ गया है कि नदी को स्वच्छ बनाने के लिए आवंटित धन के उचित एवं समय पर उपयोग के लिए जवाबदेही तय की जाए। अधिकरण ने कहा कि प्रदूषण कम करने के नतीजे प्राप्त करने के लिए आवंटित धन एवं इसके उपयोग के संबंध में उचित जांच की आवश्यकता है। अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि हालांकि, केंद्र सरकार के स्तर पर गंगा एक्शन प्लान एक और दो के जरिये और उसके बाद राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की स्थापना के माध्यम से पहल की गई है, गंगा का प्रदूषण अभी भी बना हुआ है। हरित अधिकरण ने कहा कि जवाबदेही और प्रतिकूल परिणामों के बगैर ही समय सीमा का उल्लंघन किया जाता है। 

पीठ ने कहा, ‘‘निगरानी और जवाबदेही तय करने में विफलता से केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी, निरंतर प्रदूषण और इसके परिणामस्वरूप मौतें और बीमारियां होती हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित प्रशासन के शीर्ष स्तर को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कामकाज में संरचनात्मक परिवर्तनों पर विचार करने की आवश्यकता है, ताकि समयसीमा बनाये रखने के लिए जवाबदेही तय की जा सके और निकट भविष्य में लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रबंधन रणनीति का पता लगाया जाए।’’ एनजीटी ने कहा कि प्रदर्शन मापदंडों और समयसीमा स्पष्ट रूप से परिभाषित करने और कार्य संपादनके ऑडिट की आवश्यकता है।

पीठ ने कहा, ‘‘विफलता के कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें उचित रूप से जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन में विफलता के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के संबंध में एक तंत्र को निरंतर आधार पर संचालित करने की आवश्यकता है। अनुशासनात्मक और गुणवत्ता नियंत्रण के बिना मिशन की सफलता की संभावना बहुत कम हो सकती है।’’ अधिकरण ने कहा कि आंतरिक समीक्षा तंत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता है जो वर्तमान में प्रतीत नहीं होता है। 

पीठ ने कहा कि यदि यह पाया जाता है कि प्रदूषण उपशमन और नियंत्रण योजना को क्रियान्वित करने के लिए एनएमसीजी द्वारा नियोजित एजेंसियां ​​ठीक तरह से प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं, तो एक उपयुक्त एजेंसी - सरकारी, निजी, या हाइब्रिड को काम सौंपकर संरचनात्मक परिवर्तनों पर विचार करने की आवश्यकता है, जिन्हें शर्तों के अनुसार प्रदर्शन और लक्ष्यों को प्राप्त करने के संबंध में जवाबदेह ठहराया जा सके। अधिकरण ने कहा, ‘‘संक्षेप में, प्रदर्शन का मूल्यांकन करने और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है। 

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