आईआरसीटीसी होटल मामला : दिल्ली की अदालत ने लालू प्रसाद और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया टाली

img

नई दिल्ली, शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को कथित आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन के आरोप तय करने की औपचारिक प्रक्रिया 19 नवंबर तक के लिए टाल दी। विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से स्थगन के अनुरोध वाली याचिकाओं का विरोध नहीं किए जाने का उल्लेख करते हुए सुनवाई 19 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

हालांकि, न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों को किसी उच्चतर अदालत के आदेश के तहत पेशी से छूट मिली हुई है और जिनके खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई गई है, उन्हें छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहना होगा। ईडी ने इस मामले में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया था। इससे पहले, 10 सितंबर को पिछली अदालत ने सात आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था और नौ अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।

अदालत ने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ मजबूत संदेह है। साथ ही, जांच की प्रकृति, उसके समय और तरीके से यह संकेत नहीं मिलता कि लालू प्रसाद के खिलाफ शिकायत राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित थी, जैसा कि उनके वकील ने दलील दी थी। इससे पहले, पिछली अदालत ने कथित घोटाले से जुड़े सीबीआई के मामले में गत वर्ष अक्टूबर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद और 11 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि 2005 से 2014 के बीच तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के कार्यकाल में रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी स्थित रेलवे के होटलों को पट्टे पर देने के लिए जारी निविदा में हेराफेरी की थी। इन होटलों का पट्टा सुजाता होटल्स को दिया गया था।

ईडी का दावा है कि इसके बदले में सुजाता होटल्स के निदेशकों विनय कोचर और विजय कोचर ने पटना स्थित अपनी कीमती जमीन बेहद कम कीमत पर डीएमसीपीएल नामक कंपनी को हस्तांतरित कर दी थी। इस कंपनी का नियंत्रण लालू प्रसाद के करीबी सहयोगियों प्रेम चंद (पीसी) गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता के पास था। ईडी के अनुसार, बाद में सरला गुप्ता और अन्य लोगों ने इस कंपनी के शेयर बेहद मामूली कीमत पर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को हस्तांतरित कर दिए। इसके बाद लगभग मुफ्त में मिली जमीन का नियंत्रण लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी नामक नई कंपनी के पास आ गया।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement