कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 में हरियाणा को मिले मेजबानी- दीपेन्द्र हुड्डा

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चंडीगढ़, गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि गुजरात में हरियाणा इन्वेस्टमेंट रोड शो में भाग लेने गए मुख्यमंत्री नायब सैनी आगामी कॉमनवेल्थ खेल 2030 व ओलंपिक 2036 को गुजरात की बजाय हरियाणा में कराने के लिए प्रधानमंत्री पर दबाव डालें। क्योंकि इस बड़े आयोजन में अनुमानित 2,34,000 करोड़ का निवेश होगा। देश हित में ये हरियाणा में होना चाहिए। दीपेन्द्र हुड्डा ने बताया कि हरियाणा के कांग्रेस सांसदों ने लगातार मांग करी कि कॉमनवेल्थ खेल हरियाणा में होने चाहिए। ताकि कॉमनवेल्थ खेल के लिए लाखों करोड़ रुपये खर्च करके जो इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा उससे हरियाणा को भी फायदा मिलेगा। अगर स्टेडियम, अच्छा बुनियादी ढांचा विकसित हो तो वह ऐसी जगह हो जहां ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी उसका उपयोग करके देश को शीर्ष पर पहुंचाएं।

लेकिन जब हमने कॉमनवेल्थ गेम्स हरियाणा में कराने की मांग करी तो हरियाणा की पूरी बीजेपी हमारे पीछे पड़ गयी। अगर 70% से ज्यादा गोल्ड मेडल हरियाणा के खिलाड़ी जीतकर ला रहे हैं तो मेरिट के आधार पर कॉमनवेल्थ खेल हरियाणा में होने चाहिए। कॉमनवेल्थ खेल हरियाणा में होंगे तो लाखों करोड़ का बजट यहाँ खर्च होगा। स्टेडियम बनेंगे, एकेडमी बनेगी, मेट्रो रेल बनेंगी, हाईवे बनेंगे, स्पोर्ट्स विलेज बनेंगे। लेकिन, बीजेपी सरकार सब चीज गुजरात ले जा रही है। इससे भी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि हरियाणा सरकार ने कॉमनवेल्थ खेल 2030 व ओलंपिक 2036 की मेजबानी या सह-मेजबानी के लिए कोई प्रस्ताव भी नहीं भेजा। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने देखा कि आज हरियाणा में खेल ढाँचे की इतनी दुर्दशा है कि खेल के मैदान में प्रैक्टिस करते हुए हमारे खिलाड़ियों की जान तक जा रही है।

कॉमनवेल्थ खेल 2030 व ओलंपिक 2036 में हरियाणा को कम से कम को-होस्ट राज्य बनाने से लाखों करोड़ के बजट में से हरियाणा के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी खर्च होगा। देश की कुल आबादी के 2% आबादी वाले हरियाणा की ओलंपिक खिलाड़ियों के दल में 21% हिस्सेदारी है और देश को मिलने वाले मेडल में 50% से ज्यादा की भागीदारी है। फिर भी सरकार हरियाणा के लिए खेलो इंडिया में न के बराबर बजट दे रही है। यह देश की खेल भावना के साथ क्रूर मजाक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार के समय खेल व खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिये ग्रामीण अंचलों में खेल स्टेडियम बनाये थे, खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति और स्कूल स्तर पर कक्षा पहली से खेल-खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए SPAT नीति को भी बीजेपी सरकार ने खत्म कर दिया।

SPAT नीति के तहत SC समाज की बेटियों को जिले/राज्य स्तर तक पहुंचने पर 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, इसे भी भाजपा सरकार ने समाप्त कर दिया। बीजेपी सरकार हरियाणा में कांग्रेस सरकार के समय बने 481 खेल स्टेडियमों के रखरखाव के लिए पर्याप्त बजट तक नहीं दे पाई। 12.5 साल में नया स्टेडियम बनाना तो दूर, मौजूदा स्टेडियमों का रिपेयर तक नहीं कराया, खेल नर्सरियों की दुर्दशा कर डाली। जिसके चलते बास्केट बॉल कोर्ट में प्रैक्टिस करते हुए जर्जर पोल गिरने से 2 होनहार खिलाड़ियों को जान तक गँवानी पड़ी।

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