न्यायालय ने धनशोधन मामले में रियल्टी कंपनी के प्रवर्तक की जमानत याचिका पर ईडी से जवाब मांगा

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नई दिल्ली, सोमवार, 27 अक्टूबर 2026। उच्चतम न्यायालय ने घर खरीदारों से मिले 126.30 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से संबंधित धनशोधन मामले में नोएडा की एक रियल एस्टेट कंपनी के मुख्य प्रवर्तक की जमानत याचिका पर सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड (यूएफएचएल) के प्रवर्तक अनिल मिठास की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया। मिठास ने जमानत याचिका खारिज किए जाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने 16 सितंबर को मिठास की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। आरोप है कि मिठास ने यूएफएचएल के अरण्य प्रोजेक्ट के लिए घर खरीदारों से जुटाए गए पैसों का दूसरी जगह इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन मामले की जांच शुरू की। मिठास को 16 अप्रैल, 2025 को हिरासत में लिया गया था।

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