दिल्ली में इमारत गिरी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने घटना पर जताया दुख

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नई दिल्ली, रविवार, 06 सितंबर 2026। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में गिरी कई मंजिला इमारत से एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह लोगों को अब तक बचाया जा चुका है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने इस घटना पर दुख जताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं। मेरी अपील है कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था, अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र पीजी में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना, बिल्डिंग सेफ्टी ऑडिट और दिल्ली में भाजपा सरकार की प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब राजधानी में हजारों छात्र पीजी और किराए के मकानों में रहते हैं, तो क्या सरकार ने समय पर स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट किया है? क्या असुरक्षित इमारतों की पहचान की गई और सुधारात्मक कदम उठाए गए?

उन्होंने कहा कि बस एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी डीयू के एसआरसीसी में एक खास कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी और उसके छात्रों की तारीफ की थी। आज, साउथ कैंपस के सत्य निकेतन में, डीयू के छात्र एक असुरक्षित पीजी बिल्डिंग के मलबे में फंसे हुए हैं। अगर पीएम सच में खुद को डीयू का छात्र मानते हैं, तो शायद उन्हें यह पूछना चाहिए कि बिल्डिंग की सुरक्षा जांच उन छात्रों की सुरक्षा क्यों नहीं कर पाई, जिन्हें सरकार की सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है।

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना से बहुत दुखी हूं, जहां मलबे के नीचे कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रार्थना करता हूं। ईश्वर करे कि सभी की जान बच जाए।

कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस (सत्य निकेतन) में पीजी इमारत गिरने और छात्रों के मलबे में दबे होने की खबर विचलित करने वाली है और सरकार के नीतियों पर भी बड़े सवाल खड़े करती है। देश भर से युवा सुनहरे भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आते हैं, लेकिन क्या उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी की नहीं है? प्रधानमंत्री, डीयू में सिर्फ भाषण देने से बात नहीं बनेगी, देश की राजधानी में हमारे छात्रों की जिंदगी और सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद और गंभीर है। इस इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे, और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने आ रही है। सरकार और संबंधित एजेंसियों को बिना किसी देरी के युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाना चाहिए, ताकि मलबे में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि सभी लोग सुरक्षित हों और प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में संबल मिले।

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