एमसीडी चुनाव की बिसात बिछाने में जुटी भाजपा, जीत हासिल करने के लिए कटवाये मतदाताओं के नाम- कांग्रेस

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नई दिल्ली, बुधवार, 02 सितंबर 2026। कांग्रेस ने दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के ड्राफ्ट लिस्ट में करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम नहीं होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि नगर निगम (एमसीडी) ने चुनाव जीतने की तैयारी में यह काम करवाया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि डेढ़ साल से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा के पास जनता को अपनी उपलब्धियों को बताने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि 2028 की शुरुआत में एमसीडी चुनाव होने वाले हैं और भाजपा ने अभी से चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। काम के बजाय वोटों के समीकरण से चुनाव जीतने की तैयारी की जा रही है।

डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि चार दिसंबर 2022 के एमसीडी चुनाव के समय दिल्ली में करीब एक करोड़ 47 लाख मतदाता थे। एसआईआर के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं और मौजूदा सूची में संख्या घटकर 97 लाख 53 हजार 577 रह गयी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नामों का सूची से बाहर होना गंभीर विषय है और इसकी पूरी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को अपने काम पर भरोसा है तो उसे पानी, सफाई, प्रदूषण, बेरोजगारी, ट्रैफिक और नागरिक सुविधाओं जैसे मुद्दों पर जनता को जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि सरकार अपनी उपलब्धियों पर वोट मांगने के बजाय चुनावी गणित पर क्यों निर्भर दिखाई दे रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वोट काटकर चुनाव जीतने की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। वोट किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि हर पात्र नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने मांग की कि एसआईआर के बाद ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए 47 लाख मतदाताओं के नामों को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जाए और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित किए जाएं। उन्होंने कहा कि एमसीडी कानून के तहत निगम की पहली बैठक से पांच साल की अवधि होती है, जब तक उसे धारा 490 के तहत पहले भंग न किया जाए। उनके अनुसार पहली बैठक 22 फरवरी 2023 को हुई थी, इसलिए अगले चुनाव फरवरी या मार्च 2028 के आसपास होने चाहिए। उन्होंने सरकार और संबंधित चुनावी संस्थाओं से चुनाव की समय-सीमा स्पष्ट करने की मांग की। डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि दिल्ली की जनता को भाजपा से ‘काम का हिसाब’ चाहिए, ‘वोट काटने का हिसाब’ नहीं। कांग्रेस हर पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाएगी।

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