माकपा नेता रियास ने जन्म-मृत्यु संबंधी जानकारी को आधार, मतदाता सूची से जोड़ने पर चिंता जताई
कोझिकोड (केरलम), शनिवार, 22 अगस्त 2026। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता पी. ए. मोहम्मद रियास ने शनिवार को कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी जानकारी को आधार, मतदाता सूची, राशन कार्ड और शैक्षणिक प्रवेश से जोड़ने के केंद्र सरकार के कथित कदम के खिलाफ कड़ी सतर्कता जरूरी है। रियास ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि यदि भविष्य में जन्म प्रमाण पत्र नागरिकों के अधिकार तय करने का मुख्य दस्तावेज बन जाता है, तो इसका आम लोगों और हाशिए पर रहने वाले वर्गों पर गंभीर असर पड़ सकता है। रियास ने जनगणना प्रक्रिया के तहत माता-पिता के जन्मस्थान और धर्म सहित अन्य विवरण एकत्र करने के कथित कदम पर भी चिंता जताई है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या यह कवायद जनगणना की आड़ में राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और उसके बाद राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करना और उसे विभिन्न प्रणालियों से जोड़ना निजता और संघीय सिद्धांतों के लिए बड़ी चुनौती है। रियास ने कहा कि दस्तावेजों के आधार पर लोगों को अलग करना और उन्हें अधिकारों से वंचित करना भारतीय संविधान के लिए बड़ा झटका होगा। उन्होंने संवैधानिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक प्रतिरोध का आह्वान किया है।
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