'चिकन नेक' की सुरक्षा मज़बूत करने के लिए तीन बेस बनाए गए : अमित शाह
सिलीगुड़ी, शुक्रवार, 21 अगस्त 2026। पश्चिम बंगाल की यात्रा पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तर बंगाल में रणनीतिक रूप से अहम "चिकन नेक" गलियारे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए हैं। यहां रानीडांगा में सशस्त्र सीमा बल के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले इस संकरे कॉरिडोर की सुरक्षा के महत्व को पूरी तरह से समझा है। उन्होंने कहा कि तीन अहम जगहों पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले में चोपड़ा, बिहार में किशनगंज और असम में धुबरी , से सुरक्षा इंतज़ाम मज़बूत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन जगहों पर पहले ही बेस बनाए जा चुके हैं।
शाह ने कहा कि सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करने के लिए ज़मीन की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी और इसके लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 560 एकड़ ज़मीन सौंप दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए श्री शाह ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान बार-बार अनुरोध करने के बावजूद ज़मीन नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद, बीएसफ और एसएसबी के लिए ढांचागत सुविधाएं और ठिकाने बनाने के लिए 45 दिनों के भीतर 1,129 एकड़ ज़मीन सौंप दी गई।
शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की भी तारीफ़ की और भाजपा सरकार को चुनने के लिए पश्चिम बंगाल के लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि जनादेश के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा एक अहम वजह थी। पहली बार एसएसबी के कार्यक्रम में श्री अधिकारी की मौजूदगी का ज़िक्र करते हुए श्री शाह ने कहा कि सुश्री बनर्जी को ऐसे कार्यक्रमों में कई बार बुलाया गया था, लेकिन वह शामिल नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ और एसएसबी के कार्यक्रमों से दूर रहने की कोई वजह नहीं है क्योंकि ये दोनों बल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काम करते हैं, न कि किसी राजनीतिक हित के लिए।
वंदे मातरम के बारे में बात करते हुए श्री शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस ऐतिहासिक गीत के ज़रिए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचार को बढ़ावा दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल किया है और उम्मीद जताई कि अगली पीढ़ी स्कूल स्तर से ही यह गीत सीखेगी और इससे देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रेरणा लेगी। शाह ने सिलीगुड़ी के पास रानीडांगा में सशस्त्र सीमा बल के लगभग 190 करोड़ रुपये के कई बुनियादी ढांचे वाली परियोजना की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं का मकसद एसएसबी के ढांचे को मज़बूत और आधुनिक बनाना तथा इसके जवानों के लिए सुविधाओं में सुधार करना है। श्री शाह ने रानीडांगा में एसएसबी के एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने रणनीतिक रूप से अहम "चिकन नेक" कॉरिडोर में सुरक्षा मज़बूत करने के लिए सरकार के कदमों के बारे में बात की।
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