भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करा ले भाजपा, मेरे पास कोई जांच एजेंसी नहीं : उमर अब्दुल्ला

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श्रीनगर, बुधवार, 19 अगस्त 2026। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनौती देते हुए कहा कि वह उनकी सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करा सकती है। उमर ने कहा कि उनकी सरकार के पास किसी भी जांच एजेंसी का नियंत्रण नहीं है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ''अगर हम एक पल के लिए यह मान भी लें कि उनके आरोप सही हैं, तो भी हमारे पास ऐसी चीजों को छिपाने की ताकत नहीं है। मुझे बताएं कि कौन सी जांच एजेंसी मेरे नियंत्रण में है? एक भी नहीं।''

श्रीनगर शहर के दौरे के बाद उमर ने कहा, ''मेरे पास पुलिस का नियंत्रण नहीं है, मेरे पास अपराध शाखा नहीं है, मेरे पास भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) नहीं है, केंद्रीय एजेंसियों की तो बात ही छोड़ दें।'' मुख्यमंत्री ने यह बयान जम्मू क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा द्वारा उनकी सरकार के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन से जुड़े सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी जांच एजेंसी ने यह कहा है कि भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा से मामला दर्ज कर जांच कराने को कहा। उमर ने कहा, ''इन जांच एजेंसियों का नियंत्रण भाजपा के पास है। आगे बढ़िए और जांच कराइए। अगर वास्तव में भ्रष्टाचार हुआ है तो मामला दर्ज कर कार्रवाई कीजिए। लेकिन ये बेबुनियाद आरोप बेवजह लगाए जा रहे हैं। ''

अपनी पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को पांच साल के लिए जनादेश मिला है, एक साल के लिए नहीं। उमर ने कहा, ''क्या पांच साल पूरे हो गए हैं? क्या मैं तीन साल तक सोता रहा? अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं। मैंने पहले दिन से कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपना घोषणापत्र एक दिन, एक सप्ताह, एक महीने या एक साल के लिए नहीं दिया था। यह पांच साल का प्रारूप है। पांच साल बाद मुझसे यह सवाल पूछिएगा और मैं आपको विस्तृत जवाब दूंगा।'' हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने घोषणापत्र को नजरअंदाज नहीं किया है और ''हर बिंदु पर किसी न किसी रूप में काम शुरू किया गया है।'' उन्होंने कहा, ''आगे जो भी काम बाकी हैं, उन्हें हम पूरा करेंगे।''

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर दर्ज प्राथमिकी पर पूछे गए सवाल के जवाब में उमर ने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है, ''लेकिन किसी भी धार्मिक नेता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।'' मुख्यमंत्री ने कहा, ''हर किसी की भावनाएं होती हैं, चाहे वह किसी भी धर्म से संबंध रखता हो। इसलिए अगर किसी ने ऐसी टिप्पणी की है जिससे न केवल कारगिल के लोगों बल्कि दुनियाभर में रहने वाले शिया समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, तो ऐसा नहीं होना चाहिए। पुलिस को जो भी कानूनी कार्रवाई करनी है, वह करनी चाहिए।''

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